दिल्ली के जंतर-मंतर पर राजस्थान के किसान गजेंद्र की आत्महत्या के बाद भले ही पूरे देश में जमकर हंगामा हुआ हो और उसके नुकसान की भरपाई के लिए पक्ष और विपक्ष के नेता गजेंद्र के घर गए हों लेकिन असल में मीडिया की नजरों से दूर प्रदर्शन कर रहे किसानों और उनके दुख का क्या किसी भी पार्टी से कोई भी लेना देना है?
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PICS: जब डोली धरती तो सड़क पर आ गए अच्छे-अच्छे
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असल में मध्य प्रदेश के खंडवा में जमीन के बदले जमीन और पुनर्वास के लिए ओंकारेश्वर बांध के पानी में खड़े होकर संघर्ष कर रहे किसानों के पैर से अब खून बहने लगा है लेकिन उन्हें पूछने वाला कोई नहीं है।
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आम आदमी पार्टी के नेता कुमार विश्वास भले ही इन किसानों का हाल लेने गए और अपने शरीर को पानी में सड़ा रहे किसानों के दर्द पर मलहम लगाने की कोशिश की लेकिन क्या इतने भर से इन किसानों का भला हो जाएगा। बता दें कि पिछले 18 दिन से अपनी मांगों को लेकर जल सत्याग्रह कर रहे किसानों के शरीर के लिए पानी अब एसिड का काम कर रहा है।
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सत्याग्रहियों के पानी में भीगे पैरों की चमड़ी निकलने लगी है और कुछ के तो पैरों से खून भी रिसने लगा है। मंगलवार को आम आदमी पार्टी के नेता कुमार विश्वास ने अपने फेसबुक अकाउंट पर इन सत्याग्रहियों के पैर से खून रिसने की कुछ तस्वीरें साझा कीं।
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कुमार विश्वास ने अपने कमेंट में लिखा कि जमीन के बदले जमीन और पुनर्वास के लिए ओंकारेश्वर बांध के पानी में जल सत्याग्रह करने वालों के पैरों से खून रिसने लगा है लेकिन इलाज के लिए तैयार नहीं है।
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इससे पहले आम आदमी पार्टी ने भी अपने फेसबुक अकाउंट पर इन किसानों की पीड़ा की ओर इशारा करते हुए लिखा था कि मध्य प्रदेश के खंडवा के घोगलगाँव में जल सत्याग्रह पर बैठे किसान अत्यंत शारीरिक एवं मानसिक पीड़ा में हैं। पिछले लगभग 16 दिनों से जलमग्न रहने के कारण इनके पैरों से खून रिसना शुरू हो गया हो, शरीर गल रहा है, और कई तरह की बीमारियाँ हो रही हैं।
इस मामले पर मध्य प्रदेश सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए पिछले सोमवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सीएम शिवराज सिंह चौहान को चिट्ठी भी लिखी थी।