शीला दीक्षित
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वीएन पुरी ने बताया था कि वे खुश हैं कि उनकी भांजी केंद्र की सियासत में अहम भूमिका निभा रही हैं। शीला 1988 में अपनी नानी लज्जावती के स्वर्गवास पर कपूरथला आई थीं, उस समय वह केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री थी। वैसे तो वह साल में एक बार ननिहाल जरूर आती थी, लेकिन सियासत में ज्यादा व्यस्त होने के चलते वह 2004 में एक समारोह में शिरकत करने आई तो घर में कमरे और स्कूल की कक्षा और उस बैंच को देखा, जहां वह बैठती थीं।