अगर आप देश के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) के खाताधारक हैं तो आपके लिए आपका बैंक खुशखबरी लाया है। बता दें कि 1 अप्रैल 2018 से न्यूनतम बैलेंस नियमों (मिनिमम बैलेंस रूल्स) में बदलाव आ चुके हैं। तो जानिए कि मिनिमम बैलेंस रूल्स में क्या-क्या बदलाव आए हैं..
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1) एसबीआई के मुताबिक, 1 अप्रैल से मेट्रो सिटी और शहरों की बैंक शाखाओं में मिनिमम बैलेंस मेंटेन ना कर पाने वाले ग्राहकों को अब 50 रुपए प्लस जीएसटी चार्ज के बजाए सिर्फ 15 रुपये देने होंगे। इसके साथ ही जीएसटी चार्ज अलग से देने होंगे।
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2) अर्ध-शहरी इलाकों और गांव में ये पेनाल्टी कम कर के 12 रुपये कर दी गई है जो पहले 40 रुपये थी।
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3) हालांकि बैंक ने मिनिमम बैलेंस की लिमिट कम नहीं की है। वह पहले की तरह ही है। यानी एसबीआई के मेट्रो शहरों में रहने वाले खाताधारकों को अपने अकाउंट में 3000 रुपए का मिनिमम बैलेंस रखना जरूरी है।
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4) वहीं अर्ध-शहरी इलाकों के बैंक खाता धारकों को 2000 रुपये और गांव की ब्रांच में खाता धारकों को 1000 रुपये रखना अनिवार्य है।
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5) एसबीआई के अनुसार, एवरेज मासिक बैलेंस ना बनाए रख पाने पर लगने वाले नए चार्ज स्टेकहोल्डर के फीडबैक के अनुसार लिया जाएगा।
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6) कोई भी रेगुलर बचत खाता धारक मुफ्त में अपने खाते को बेसिक सेविंग अकाउंट में बदलवा सकता है।
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7) एसबीआई ने अप्रैल 2017 में एवरेज मासिक बैलेंस ना बरकरार रख पाने पर लगने वाले पीनल चार्जेज को 5 सालों बाद पुनः प्रस्तुत किया। फिर अक्तूबर में बैंक ने इसमें संशोधन किया और इस चार्ज को कम किया।