आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक खुला पत्र लिखते हुए चार महीनों की उनकी सरकार के दौरान भ्रष्टाचार, सांप्रदायिकता, विधायक खरीद-फरोख्त, सीमा विवाद आदि के मुद्दों पर उनकी चुप्पी पर सवाल किया है।
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मौन मोहन के बाद मौन हुए मोदी
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मोदी की कथनी और पार्टी की करनी में अंतर पर सवाल करते हुए केजरीवाल ने पीएम मोदी को उनके सांप्रदायिक सौहार्द्र वाले भाषणों की याद दिलाई है।
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मौन मोहन के बाद मौन हुए मोदी
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केजरीवाल ने पीएम नरेंद्र मोदी को उनका ही कथन- 'न खाऊंगा, न खाने दूंगा' याद दिलाते हुए पूछा है कि फिर एम्स के एक ईमानदार अफसर को उनके सांसद ने पद से क्यों हटा दिया।
मौन मोहन के बाद मौन हुए मोदी
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पिछले दिनों गृह मंत्री ने एंटी करप्शन ब्रांच को एक नोटिफिकेशन जारी करके पंगु बना दिया। मतलब कि इसकी शक्तियां कम कर दीं। वहीं दूसरी ओर भाजपा के दिल्ली उपाध्यक्ष ने जो आप विधायक खरीदने का प्रयास किया था उसका हवाला देते हुए भी केजरीवाल ने पूछा है कि इतने गंभीर मामले हो जाने के बद भी प्रधानमंत्री चुप क्यों है?
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मौन मोहन के बाद मौन हुए मोदी
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मोदी ने सीमा पर हो रही घुसपैठ पर मनमोहन सरकार की चुप्पी को चुनाव से पहले निशाना बनाया था। अब वैसी ही चुप्पी की चादर खुद पीएम मोदी ने ओढ़ ली है, उन उसी चुप्पी के बारे में केजरीवाल ने सवाल किया है कि आखिर सीमा में घुसपैठ पर क्यों चुप हैं मोदी?
केजरीवाल ने मोदी के अच्छे दिन के नारों के बारे में भी सवाल किया कि चुनाव से पहले तो अच्छे दिन आने वाले थे पर महंगाई जिस तरह बढ़ रही है उससे तो ये कहीं आते नहीं दिख रहे।