अमित शाह (बाएं) और अरविंद केजरीवाल (दाएं)
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मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के तंज पर ट्वीट में कहा कि मैने अमित शाह का पूरा भाषण सुना। मुझे लगा कि वे हमारे कामों की कमियां बताएंगे और दिल्ली के विकास की बात करेंगे, लेकिन उन्होंने मुझे गाली देने के अलावा कुछ नहीं कहा। दिल्ली के लिए उनके पास सुझाव हैं तो बताएं। हम अच्छे सुझावों को अगले पांच साल में लागू करेंगे।
sanjay singh
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उधर, आप के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने ट्वीट कर कहा कि मैने सुना आज अमित शाह को। बहुत लंबी-चौड़ी बातें कर रहे थे। गुजरात में स्वास्थ्य सेवाओं की हालत इतनी खराब है कि एक साल में 1235 बच्चों की मौत हो गई। इस पर वहां के मुख्यमंत्री ने तो कोई जवाब नहीं दिया। अमित शाह बताएं, क्या आपकी नजर में मासूमों की जिंदगी की कोई कीमत नहीं है।
atishi
आप नेता अतिशी ने कहा कि अमित शाह जनता से मिलना शुरू करेंगे तो जवाब उन्हें खुद मिल जाएगा। एमसीडी ने 15 साल से कुछ काम नहीं किया। दिल्ली सरकार ने विकास किया। आज देश का मुद्दा नौकरी, रोजगार, अर्थव्यवस्था है, सीएए नहीं। असली मुद्दे से भटकाने के लिए सीएए लाया गया। दिल्ली की जनता के लिए सीवर और पानी ही मुद्दा है। इसे दिल्ली सरकार बेहतर कर रही है।
अमित शाह
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जनता को झांसा एक बार दिया जा सकता है, बार-बार नहीं: अमित शाह
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली के बाद भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने दिल्ली विधानसभा के चुनाव की कमान अपने हाथ में ले ली है। रविवार को हुए बूथ कार्यकर्ता सम्मेलन में उन्होंने एलान किया कि वे खुद मोहल्ला मीटिंग करेंगे। इसकी शुरुआत उन्होंने सम्मेलन के बाद लाजपतनगर सी ब्लॉक में सतीश सबरवाल के घर पहुंचकर की।
बीजेपी बूथ सम्मेलन कार्यक्रम
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इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में बूथ कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए अमित शाह ने कहा कि जनता को कोई सिर्फ एक बार झांसा दे सकता है, बार-बार नहीं। एक बार केजरीवाल ने झांसा दे दिया है। इसके बाद एमसीडी चुनाव में आप का सूपड़ा साफ हो गया तो लोकसभा चुनाव में 88 प्रतिशत बूथ पर भाजपा का झंडा लहराया। मुख्यमंत्री केजरीवाल पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि वे सिर्फ विज्ञापन देकर बधाई दे रहे हैं। पांच साल सरकार चलाने के बाद अब काम शुरू कर रहे हैं। यह तो बताएं कि उन्होंने काम कौन-सा पूरा किया। दिल्ली में 15 लाख सीसीटीवी कैमरे लगने थे, लेकिन नहीं लगे। अनुबंधित शिक्षकों-कर्मचारियों को पक्का करना था, वह भी नहीं हुआ। दिल्लीवालों को केंद्र सरकार जो देना चाहती थी, उसमें भी केजरीवाल ने रुकावट डाली।
अमित शाह और मनोज तिवारी
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कांग्रेस पर प्रहार करते हुए शाह ने कहा कि 1984 में सिख विरोधी दंगा हुआ। इससे पीड़ित सिख भाई-बहनों के घावों पर कांग्रेस सरकार ने मरहम नहीं लगाया। केंद्र की मोदी सरकार ने हर पीड़ित को 5-5 लाख रुपये का मुआवजा दिया और जो भी दोषी थे, उन्हें तिहाड़ पहुंचाया।
अमित शाह
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सीएए समर्थन के लिए टोल फ्री नंबर
अमित शाह ने सीएए के समर्थन के लिए टोल फ्री नंबर 88662 88662 जारी किया। उन्होंने दिल्ली चुनाव के लिए कार्यकर्ताओं को मंत्र दिया कि रैलियों, पोस्टरों, होर्डिंगों से चुनाव नहीं लड़ना है, बल्कि दिल्ली के घर-घर तक जाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कामों और केजरीवाल सरकार के धोखे को लेकर जाना है। बाकी पार्टियों के लिए चुनाव सत्ता प्राप्त करने का साधन हो सकता है, लेकिन भाजपा लोकतंत्र में विश्वास करती है। हम मानते हैं कि चुनाव लोकतंत्र का उत्सव है।
जेपी नड्डा
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ज्यादातर पार्टियों में वंशवाद का रोग : नड्डा
सम्मेलन में भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि बूथ कार्यकर्ता किसी भी पार्टी की नींव होता है। कार्यकर्ताओं के बल पर केंद्र की तरह दिल्ली में भी भाजपा यशस्वी होगी। भाजपा कार्यकर्ता नई दिशा लेकर समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचता है। देश में 2300 राजनीतिक दल हैं। उनमें से 500 चुनाव आयोग से मान्यता प्राप्त हैं। 56 दल क्षेत्रीय हैं और 7 राष्ट्रीय। ये सभी पार्टियां वंशवाद से ग्रसित हैं। सिर्फ भाजपा वंशवाद से अलग है और विचारवाद के साथ खड़ी है।
अमित शाह
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‘साबरमती की तर्ज पर बनेगा यमुना रिवर फ्रंट’
अमित शाह ने पूर्वांचलियों को साधने के साथ ही मैली यमुना को साफ करने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि साबरमती की तर्ज पर यमुना के किनारे रिवर फ्रंट बनाया जाएगा। इससे पूर्वांचल के लोगों को छठ पूजा करने के लिए अस्थायी घाटों की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
जेपी नड्डा
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जेपी नड्डा ने कहा कि दिल्ली में नकारात्मक सरकार है, जो न विकास चाहती है न परिवर्तन। कई पार्टियों के पास नेता हैं तो नीति नहीं, नीति है तो नीयत नहीं, नीयत है तो कार्यक्रम नहीं, कार्यक्रम है तो कार्यकर्ता नहीं, लेकिन भाजपा के पास नीति, नीयत और कार्यकर्ता हैं। आप और कांग्रेस गरीबों का हक मारती रही हैं। अब दिल्ली पर लगे ग्रहण को मिटाने का वक्त है।