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कमलेश तिवारी हत्याकांड: हत्या के बाद यहां पहुंचे कातिल, पुलिस को मिले अहम सुराग

Sun, 20 Oct 2019 10:19 AM IST
शाहरुख खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली/लखनऊ
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kamlesh tiwari murder case - फोटो : अमर उजाला
कमलेश तिवारी हत्याकांड में एक के बाद एक नया खुलासा होता जा रहा है। पुलिस ने साजिशकर्ता तो पकड़ लिए हैं, लेकिन हत्या करने वालों का अब तक सुराग नहीं लगा है। हत्यारों को पकड़ने के लिए पुलिस की दस टीमें लगीं हैं, लेकिन अभी तक कोई कामयाबी हाथ नहीं लगी है। हालांकि उनकी लोकेशन का पता जरूर चला है। जिसके आधार पर पुलिस उनकी तलाश में जुटी है।
 
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kamlesh tiwari murder case - फोटो : सीसीटीवी फुटेज से
आपको बता दें कि शुक्रवार को हिंदू समाज पार्टी के अध्यक्ष कमलेश तिवारी की हत्या करने वाले बदमाश ट्रेन से लखनऊ आए थे। एसएसपी कलानिधि नैथानी के मुताबिक हत्यारों की पहचान हो गई है। दोनों हत्यारे चारबाग रेलवे स्टेशन से ही कमलेश के घर का पता पूछते हुए गणेशगंज पहुंचे और वारदात अंजाम देकर फरार हो गए। पुलिस की एक टीम हत्यारों के पीछे लगी है। उनकी आखिरी लोकेशन हरदोई से मुरादाबाद होते हुए गाजियाबाद में मिली है। 
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kamlesh tiwari murder case - फोटो : ani
एसएसपी ने बताया कि हत्यारों को पकड़ने के लिए पुलिस की दस टीमें लगाई गई हैं। इसमें एएसपी क्राइम के नेतृत्व में एक टीम गुजरात भेजी गई है जबकि सीओ हजरतगंज और सीओ गाजीपुर के नेतृत्व में दो टीमें भी गैर जनपद में हैं। शेष सात टीमें शहर में ही काम कर रही हैं। एसएसपी ने बताया कि कमलेश तिवारी की हत्या का गुजरात कनेक्शन पता चलते ही पुलिस की टीमों को सक्रिय कर दिया गया था। गुजरात के विभिन्न हवाई अड्डों से दिल्ली और लखनऊ आने वाली फ्लाइट के यात्रियों के बारे में जानकारी ली गई, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। 

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कमलेश तिवारी हत्याकांड। - फोटो : amar ujala
कमलेश की हत्या से पहले गुजरात से लखनऊ पहुंची ट्रेनों के यात्रियों बारे में भी पड़ताल शुरू की गई। पुलिस की एक टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे 25 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज निकलवाई, जिसमें हत्यारों के चेहरे साफ नजर आ गए। चेहरों से उनकी पहचान कर ली गई है। हत्यारे गणेशगंज होते हुए भागे। उनके रूट का पता लगाकर एक टीम रवाना की गई है। शुक्रवार देर रात दोनों की लोकेशन हरदोई में मिली थी। दोनों के मोबाइल बीच-बीच में बंद हो रहे थे या फिर संभवत: उनका नेटवर्क गायब हो रहा था इसलिए पुलिस उन तक नहीं पहुंच पा रही थी। हरदोई के बाद उनकी लोकेशन बरेली, मुरादाबाद और शनिवार सुबह गाजियाबाद में मिली है। 
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कमलेश तिवारी - फोटो : अमर उजाला
तीन मोबाइल नंबर खंगाले, राजस्थान के नंबर से मिला सुराग
एसएसपी ने बताया कि हत्यारों का सुराग लगाने के लिए तीन मोबाइल नंबर खंगाले थे। इसमें से एक नंबर हत्या से एक दिन पहले 17 अक्तूबर बृहस्पतिवार को ही एक्टीवेट हुआ था। उक्त नंबर राजस्थान से लिया गया था। हत्यारों ने बृहस्पतिवार रात करीब साढ़े बारह बजे कमलेश को एक और नंबर से कॉल की थी। उक्त नंबर की पड़ताल करने पर वह कानपुर देहात के टैक्सी चालक का निकला। 
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kamlesh tiwari murder case - फोटो : अर्जुन साहू
पुलिस टीम उसके घर पहुंची तो पता चला कि वह ट्रेन में सफर करते हुए कानपुर देहात पहुंचा, जहां किसी यात्री ने इमरजेंसी कॉल करने के बहाने से उसका मोबाइल फोन लिया था। पुलिस ने उसे क्लीनचिट दे दी है। तीसरा मोबाइल नंबर भी किसी ऐसे ही व्यक्ति का निकला। पुलिस ने तीनों नंबर की गहराई से पड़ताल की, जिसमें 17 अक्तूबर को एक्टीवेट हुआ राजस्थान का नंबर पकड़ में आ गया।
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