फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jahangirpuri Violence: हिंसा मामले में सनसनीखेज खुलासा, अंसार तो प्यादा था तबरेज निकला सरगना, यहां बैठक कर रची साजिश

Mon, 16 May 2022 03:43 AM IST
प्रशांत कुमार पुरुषोत्तम वर्मा, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 7
Delhi Jahangirpuri Violence - फोटो : अमर उजाला
जहांगीरपुरी में हनुमान जन्मोत्सव के मौके पर निकाली गई शोभा यात्रा के दौरान हुई हिंसा में नया खुलासा सामने आया है। दिल्ली पुलिस की जांच में अब ये बात स्पष्ट हो चुकी है कि सोची-समझी साजिश के तहत जहांगीरपुरी हिंसा को अंजाम दिया गया था। तबरेज आलम व इसराबुल इस हिंसा के सूत्रधार हैं। इन लोगों ने उत्तरी दिल्ली में बैठकर साजिश रची थी। हिंसा पहली शोभा यात्रा के दौरान ही होनी थी। ये दोनों अभी तक हिंसा के मुख्य आरोपी बताए जा रहे अंसार से रंगदारी लेते थे। इससे ये सीएए व एनआरसी के विरोध में खड़े लोगों को फंडिंग करते थे। 

 
विज्ञापन

2 of 7
जहांगीरपुरी बवाल - फोटो : अमर उजाला
दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा जहांगीरपुरी हिंसा की जांच कर रही है। अपराध शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अब ये पूरी तरह स्पष्ट हो चुका है कि साजिश के तहत इस हिंसा को अंजाम दिया गया था। पुलिस को तबरेज आलम के मोबाइल से ऐसी वीडियो मिली हैं जिससे ये साफ हो गया है कि हिंसा के लिए साजिश रची गई थी। वीडियो में एक समुदाय के लोगों को भड़का रहा है।
विज्ञापन

3 of 7
जहांगीरपुरी बवाल - फोटो : अमर उजाला
जहांगीरपुरी हिंसा का मुख्य आरोपी अंसार नहीं बल्कि तबरेज आलम व इसराबुल हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार तबरेज व इसराबुल सीएए व एनआरसी के समय से ही स्थानीय लोगों को भड़का रहे थे। ये लोगों को भड़का कर अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को पूरी कर रहे थे। तबरेज आलम दिल्ली नगर निगम के चुनाव लड़ना चाहता था। वह जहांगीरपुरी के भोले-भाले लोगों को भड़का अपने पक्ष में कर रहा था। 

 

4 of 7
जहांगीरपुरी बवाल - फोटो : अमर उजाला
ये लोग अंसार से रंगदारी वसूलते थे। रंगदारी नहीं देने पर ये उसको उसके काले कारोबार को बंद कराने की धमकी देते थे। अंसार इनको जो पैसे देता था उससे ये सीएए व एनआरसी के विरोध में खड़े लोगों के लिए फंडिंग करते थे। उसी पैसे से ये लोगों को शाहीनबाग प्रदर्शन में ले जाते थे।
विज्ञापन

5 of 7
jahangirpuri violence - फोटो : अमर उजाला
जांच में ये स्पष्ट हो चुका है कि इन दोनों आरोपियों ने अंसार के साथ शोभा यात्रा के दौरान हिंसा की साजिश रची थी। शोभा यात्रा के दौरान हिंसा की साजिश के लिए उत्तरी दिल्ली में सदर बाजार के पास एक दिन पहले बैठक हुई थी। हिंसा वाले दिन भी बैठक हुई थी और इसके बाद दोपहर में भी बैठक हुई थी। हिंसा वाले दिन शाम के समय भी बैठक हुई थी। यहां पर इसराबुल के पिता का देहांत हो गया था। इस मौके पर लोग जुटे थे, ताकि पुलिस को उन पर संदेह न हो। 

 
विज्ञापन

6 of 7
jahangirpuri violence - फोटो : अमर उजाला
सी-ब्लॉक से नहीं निकली यात्रा तो नहीं हुई थी हिंसा
आरोपियों की साजिश के तहत पहली शोभा यात्रा के समय यानि दोपहर ढ़ाई बजे जहांगीरपुरी में हिंसा होनी थी, मगर ऐन मौके पर शोभा यात्रा का रूट बदल दिया गया था। शोभा यात्रा सी-ब्लॉक से नहीं निकली थी। चौथी शोभा यात्रा सी-ब्लॉक होकर निकली थी तो उस समय हिंसा हो गई। पुलिस की जांच में ये बात भी सामने आई है कि हिंसा से एक दिन पहले ही स्थानीय लोगों को साजिश के बारे में बता दिया गया था। ऐसे में स्थानीय लोगों ने घरों में ईंट, पत्थर आदि सामान एक दिन पहले ही एकत्रित कर लिया था। 

 
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
Delhi Jahangirpuri Violence - फोटो : अमर उजाला
तबरेज ने मोबाइल से पोस्ट भी किए थे
पुलिस की जांच में ये बात सामने आई है कि तबरेज आलम हिंसा के लिए लोगों को भड़काने के लिए अपने मोबाइल से पोस्ट किए थे। उसने हिंसा के लिए अपने मोबाइल से मैसेज भेजे थे। पुलिस ने तबरेज आलम के मोबाइल से हिंसा की साजिश व लोगों को भड़काने वाले कई वीडियो मिल गए हैं। वह एक धार्मिक स्थल पर झंडे लगाने की बात भी कर रहा है। जबकि पुलिस को धार्मिक स्थल से किसी तरह के झंडे बरामद नहीं हुए हैं। पुलिस ने आरोपी तबरेज के मोबाइल को फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें