भोंडसी स्थित रायन इंटरनेशनल स्कूल में हुई दूसरी कक्षा के छात्र प्रद्युम्न की हत्या मामले में बुधवार को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड में सुनवाई होनी है। बोर्ड में सीबीआई द्वारा दायर की गई आरोपी छात्र के उंगलियों के निशान लेने, सीबीआई द्वारा तय समय से अधिक पूछताछ किए जाने सहित आरोपी छात्र के बालिग अथवा नाबालिग होने की सुनवाई होनी है।
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- फोटो : सुदर्शन झा/अमर उजाला
सूत्रों की मानें तो इसमें आरोपी के बालिग व नाबालिग होने की सुनवाई टल सकती है जबकि बोर्ड अन्य दोनों याचिकाओं पर दोपहर बाद अपना फैसला दे सकता है। बता दें कि 8 सितंबर को रायन इंटरनेशनल स्कूल में दूसरी कक्षा के छात्र प्रद्युम्न की हत्या कर दी गई थी।
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इस मामले में गुरुग्राम पुलिस द्वारा बस कंडक्टर अशोक को गिरफ्तार किया था। मामला सीबीआई के अधीन जाने के बाद सीबीआई ने 7 नवंबर को 11वीं कक्षा के छात्र को हिरासत में लिया था। आरोपी को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के समक्ष पेश कर बाल सुधार गृह फरीदाबाद भेज दिया गया था।
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इसके बाद सीबीआई ने बोर्ड के समक्ष आरोपी छात्र के उंगलियों के निशान लेने के लिए याचिका दायर की थी। इसी दिन बोर्ड में परिजनों ने याचिका दायर की थी कि छात्र के रिमांड के दौरान सीबीआई को सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक पूछताछ का समय दिया गया था, लेकिन छात्र से देर रात तक सीबीआई ने पूछताछ की है।
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इसके साथ ही प्रद्युम्न की ओर से अधिवक्ता ने याचिका दायर की थी कि आरोपी ने बेहद ही संगीन अपराध को अंजाम दिया है। इसलिए उस पर बालिगों की तरह मुकदमा चलाया जाए। इन तीनों याचिकाओं पर शुक्रवार को सभी पक्षों के बीच फाइनल बहस हो चुकी है।
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बहस के दौरान आरोपी छात्र के अधिवक्ता ने बोर्ड के समक्ष याचिका दायर की थी कि छात्र को बालिग व नाबालिग करार करने के फैसले में जल्दबाजी न की जाए। बोर्ड ने इस दिन स्पष्ट किया था कि उन्होंने छात्र की सोशल इनवेस्टिगेशन रिपोर्ट व साइको टेस्ट रिपोर्ट प्राप्त की है, लेकिन इसे अभी तक ओपन नहीं किया गया है।
ऐसे में छात्र के बालिग व नाबालिग होने पर जल्दबाजी में फैसला देना गलत होगा। सूत्रों की मानें तो बुधवार को बोर्ड अपना फैसला तो सुनाएगा, लेकिन आरोपी छात्र के बालिग व नाबालिग होने पर फैसला सुरक्षित ही रहेगा।