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प्रद्युम्न हत्याकांड : बहस हो चुकी है पूरी, अगर छात्र बालिग घोषित हुआ तो होगा ऐसा

Wed, 20 Dec 2017 10:37 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुरुग्राम
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ryan international - फोटो : सुदर्शन झा
प्रद्युम्न हत्याकांड में आरोपी छात्र को लेकर जुवेनाइल जस्टिस (जेजे) बोर्ड आज फैसला सुना सकता है। दूसरी ओर आरोपी छात्र की हिरासत की मियाद पूरी होने के बाद शुक्रवार को ही उसे बोर्ड के सामने सीबीआई प्रस्तुत करेगी।
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ryan international - फोटो : सुदर्शन झा
बोर्ड के सामने सुनवाई से पहले सीबीआई मंगलवार को तैयारी में जुटी रही। आरोपी छात्र का फिंगर प्रिंट फरीदाबाद स्थित ऑर्ब्जवेशन होम से लिया गया। 15 दिसंबर को इस मामले में बोर्ड के सामने दोनों पक्षों के बीच बहस हुई थी। जिसमें आरोपी छात्र की जमानत याचिका खारिज कर दी गई था।
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प्र्रद्युमन हत्याकांड के आरोपी छात्र के अधिवक्ता मीड़िया से रूबरू होते हुए । - फोटो : सुदर्शन झा
बुधवार को आरोपी छात्र की हिरासत की मियाद पूरी हो रही है। सीबीआई द्वारा बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत कर के हिरासत की मियाद बढ़वाई जाएगी। दूसरी ओर प्रद्युम्न के पिता वरुण ठाकुर द्वारा आरोपी छात्र को वयस्क के तौर पर डाली गई याचिका के मामले में बहस पूरी हो चुकी है। इसमें अब बोर्ड को केवल आदेश जारी करना है।

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pradyuman murder case - फोटो : अमर उजाला
ऐसे में बुधवार को सुबह बोर्ड लगते साथ ही इस संबंध में आदेश आने की उम्मीद है। बता दें कि प्रद्युम्न हत्याकांड में मामले की जांच करने के बाद सीबीआई ने 7 नवंबर को स्कूल के ही 11वीं कक्षा के छात्र को हिरासत में लिया था।
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pradyuman thakur - फोटो : सुदर्शन झा/अमर उजाला
छात्र को बोर्ड के समक्ष पेश कर उसे बाल सुधार गृह फरीदाबाद भेज दिया गया था। प्रद्युम्न के अधिवक्ता सुशील टेकरीवाल ने बताया कि 15 दिसंबर को बहस के बाद बोर्ड ने आरोपी पर बालिग या नाबालिग की तरह मुकदमा चलाए जाने का फैसला सुरक्षित रख लिया।
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pradyuman murder case
20 दिसंबर को सुबह साढ़े 10 बजे सुनाए जाने की बात कही थी। वहीं, प्रद्युम्न के पिता वरुण ठाकुर का कहना है कि सभी कुछ बोर्ड के विवेक पर निर्भर है। बोर्ड के आदेश के बाद ही वह आगे के बारे में सोचेंगे।
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pradyuman thakur - फोटो : सुदर्शन झा/अमर उजाला
कानूनविदों की मानें तो यदि बोर्ड द्वारा आरोपी को बालिग करार दिया तो आरोपी का मामला विशेष अदालत में जाएगा। वहां नाबालिग होने के सभी अधिकार समाप्त हो जाएंगे। उसकी जमानत में दिक्कत आएगी और आरोप साबित होने पर उसे 10 साल की सजा भी हो सकती है।
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pradyuman murder case - फोटो : अमर उजाला
यदि छात्र पर नाबालिग की तरह मुकदमा चलाया जाता है तो उसे काफी राहत मिलेगी। आरोपी साबित होने पर भी जुवेनाइल एक्ट में अधिक्तम 3 वर्ष की सजा का प्रावधान है। जुवेनाइल को जमानत भी आसानी से मिल सकती है।
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