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ऐसे गिरफ्तार हुए थे निर्भया के दोषी, जांच में शामिल पुलिसकर्मियों के आज भी हो जाते हैं रोंगटे खड़े

Sun, 15 Dec 2019 09:53 AM IST
Vikas Kumar पुरुषोत्तम वर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
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nirbhaya case - फोटो : सोशल मीडिया
यादव ट्रैवल्स की नंबर 0149 वही बस है जिसमें वसंत विहार सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया गया था। इस बस को देखकर दिल्ली पुलिस से लेकर आसपास रहने वाले लोग आज भी गुस्से से बौखला उठते हैं। इस केस की जांच में शामिल रहे पुलिसकर्मियों का कहना है कि जब वह इस बस को देखते हैं तो रोंगटे खड़े हो जाते हैं और गुस्सा आ जाता है। 
 
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इसी बस में हुआ था हादसा - फोटो : अमर उजाला
घटना के बाद इस बस को सागरपुर स्थित पिट में छिपाकर रखा हुआ है। वारदात से लेकर करीब दो वर्ष पहले तक इस बस को त्यागराज स्टेडियम, वसंत विहार समेत कई जगहों पर छिपाकर रखा हुआ था। बस अब खटारा हालत में है। उसमें लगे पर्दे फट चुके हैं। हालांकि, अंदर से स्थिति अभी थोड़ी ठीक है। 
 
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Nirbhaya case - फोटो : अमर उजाला
निर्भया कांड की जांच के लिए बनी एसआईटी के सदस्य रहे व इस समय एसीपी द्वारका राजेंद्र सिंह ने बताया कि इस बस के मालिक दिनेश यादव है। बस सुबह व शाम के समय नोएडा सवारी लेकर जाती थी। इसके अलावा बिड़ला विद्या निकेतन स्कूल में लगी हुई थी। आरके पुरम के सेक्टर-तीन स्थित रविदास कैंप में रहने वाला रामसिंह इस बस का ड्राइवर था। वारदात वाले दिन वह अन्य आरोपियों को लेकर मुनिरका बस स्टैंड पर पहुंच गया। पीड़ित युवक व निर्भया इस बस में द्वारका जाने के लिए बैठ गए। इसके बाद आरोपियों ने चलती बस में पीड़िता के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। इसके बाद पीड़ित लड़का व लड़की को एनएच-8 पर फेंक दिया था। आरोपियों ने पीड़ितों पर बस का पहिया चढ़ाने की कोशिश की थी।

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nirbhaya gangrape bus
एसआईटी के एक अन्य सदस्य ने बताया कि आरोपियों ने बस को एनएच-8 पर दो बार घुमाया था और महिपालपुर फ्लाईओवर के नीचे से यू-टर्न लिया था। इस दौरान ये बस दिल्ली एयरपोर्ट होटल के सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई थी। यही से वह सुराग लगा था, जिससे पुलिस आरोपियों तक पहुंच गई। सीसीटीवी फुटेज से पुलिस सबसे पहले बस मालिक और फिर बस तक पहुंची थी। 
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nirbhaya gangrape bus - फोटो : अमर उजाला
आरोपियों ने बस को रविदास कैंप के पास खड़ा कर दिया था। आरोपियों ने बस की धुलाई भी कर दी थी। पुलिस ने सबसे पहले बस मालिक दिनेश यादव को उठाया था। सामूहिक दुष्कर्म की जांच के लिए बनी एसआईटी के एक सदस्य ने बताया कि बस से पुलिस को बहुत ही अहम सुराग मिले थे। बस से आरोपियों का ब्लड सैंपल व अन्य नमूने मिले थे। इनकी डीएनए जांच कराई गई थी। बस से पीड़िता के बाल भी मिले थे। इन बालों की भी डीएनए जांच कराई गई थी। यह नमूने ही आरोपियों को सजा दिलाने में अहम सुबूत बने थे।
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