जंतर मंतर पर जश्न मनाते प्रदर्शनकारी
- फोटो : जी पाल
बोट क्लब से जंतर-मंतर तक का सफर
आजादी के बाद लंबे समय तक दिल्ली के बड़े आंदोलन इंडिया गेट के पास स्थित बोट क्लब मैदान में आयोजित होते थे। लेकिन सुरक्षा और प्रशासनिक कारणों से वहां प्रदर्शनों पर प्रतिबंध बढ़ने लगा। इसके बाद 1990 के दशक में जंतर-मंतर को विरोध-प्रदर्शनों के लिए प्रमुख स्थल के रूप में विकसित किया गया। तब से लेकर आज तक किसान, मजदूर, छात्र, पूर्व सैनिक, कर्मचारी, सामाजिक संगठन, महिलाओं के समूह और विभिन्न राज्यों से आए आंदोलनकारी अपनी मांगों को लेकर यहीं धरना-प्रदर्शन करते रहे हैं।