दिल्ली में वेतन न मिलने को लेकर बार-बार हो रही एमसीडी के सफाई कर्मियों की हड़ताल पर चिंता जताते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने आज केंद्र व दिल्ली सरकार समेत एमसीडी व पुलिस को जबरदस्त लताड़ लगाई है।
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MCD की हड़ताल पर दिल्ली समेत केंद्र को भी कोर्ट ने जमकर लताड़ा
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हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार व एमसीडी को नोटिस जारी करते हुए एमसीडी कर्मियों के हड़ताल की वजह पूछी है। कोर्ट का कहना है कि एमसीडी कर्मी बहुत मायने रखते हैं और उनकी हड़ताल भी। कोर्ट ने तीनों संस्थाओं ने पूछा कि आखिर ये हड़ताल बार-बार क्यों हो रही है। कोर्ट इन सबसे जवाब भी मांगा है।
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इसके साथ ही हाईकोर्ट ने पु्लिस को भी सख्त हिदायत दी और कहा कि वो ध्यान रखें कि सफाई कर्मचारियों को उनकी नौकरी के दौरान किसी भी तरह की परेशानी न झेलनी पड़े।
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बता दें कि पूर्वी दिल्ली नगर निगम के सफाई कर्मचारियों समेत सभी निगम कर्मी वेतन न मिलने के कारण आज से अगले तीन दिन की हड़ताल पर चले गए हैं। यह हड़ताल उत्तरी और पूर्वी दिल्ली नगर निगम के संयुक्त स्टाफ की ओर से की गई है। इस हड़ताल में डॉक्टरों, इंजीनियरों, नर्सों और सफाई कर्मचारियों समेत अन्य विभागीय स्टाफ के 20 एसोसिएशन हिस्सा ले रहे हैं क्योंकि उन्हें पिछले दो महीने से वेतन नहीं मिला है।
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इसके साथ ही टीचर भी हड़ताल पर हैं। एमसीडी कर्मचारियों ने आज सीएम अरविंद केजरीवाल के घर के बाहर प्रदर्शन किया और साथ सीएम का पुतला भी जलाया।
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अनुमान है कि इस हड़ताल का असर म्यूनिसिपल स्कूलों और अस्पतालों पर पड़ेगा। हालांकि अस्पताल के सीनियर डॉक्टर हड़ताल में शामिल नहीं हैं। इन तीन दिनों के दौरान पूर्वी दिल्ली में कूड़ा नहीं उठेगा जिससे पूर्वी दिल्ली की सड़के एक बार फिर कूड़े के ढेर से बजबजा सकती हैं। माना जा रहा है कि इस हड़ताल का ज्यादा असर उत्तरी दिल्ली पर नहीं पड़ेगा क्योंकि वहां सेवाएं प्राइवेटाइज्ड भी हैं।
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सफाई कर्मियों ने चेतावनी दी है कि उनकी ये तीन दिवसीय हड़ताल अनियमित काल में तब्दील हो सकती है अगर उनका पुराना सभी बकाया नहीं चुकाया गया। हड़ताल में शामिल दोनों नगर निगमों के मेयरों ने दावा किया है कि वो कर्मचारियों के वेतन के लिए तब तक फंड रिलीज नहीं कर पाएंगे जब तक सरकार आर्थिक सहायता नहीं प्रदान करती। उन्होंने ये भी कहा कि अगर ये स्थिति नहीं सुधरी तो दोनों ही निगम दिवालिया हो जाएंगे।