कहते हैं कि जोड़ियां स्वर्ग में बनती हैं। ऐसे में शादी को आसमान से देखना भी अच्छा ही होता होगा। ये बात शादियों में आजकल नए ट्रेंड के लिए कही जा रही है। जिसमें मेहमानों के सर के ऊपर से शुभ घड़ियों को कैमरे की नजर से देखा जाता है।
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शादियों को ड्रोन की नजर से ऐसे बनाया जा रहा है शानदार
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बैंगलोर के स्टूडियों में काम करने वाली राति सक्सेना बताती हैं कि लोग शादी में सर के ऊपर से एक कट और शॉट चाहते हैं। लेकिन ये सही है कि शानदार भारतीय शादियों की रौनक ऊंचाई से लिये गए व्यू के बिना अधूरी लगती है।
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शादियों को ड्रोन की नजर से ऐसे बनाया जा रहा है शानदार
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दिल्ली की फोटोग्राफर मानवी कहती हैं कि पिछले साल के मुकाबले 2015 ड्रोन फोटोग्राफी के लिए शानदार रहा है। शुरूआत में एरियल शॉट या हवाओं में लिये गए फोटो केवल जिब्स या हेलीकॉप्टर से ही संभव थे।
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इतना ही नहीं इसे पूरा करना थोड़ा मुश्किल भी था। लेकिन ड्रोन फोटोग्राफ्री बेहद आसान है। ये 75 हजार से 4 लाख रूपए तक खरीदे जा सकते हैं और समारोह से 50 फीट से 500 फीट तक की ऊंचाई पर आसानी से उड़ान भरते हैं।
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ड्रोन शानदार जगह पर हो रहे शादी समारोह की शान बढ़ा सकता है। वास्तव में ऐसी जगह पर ड्रोन के कानूनी पहलू को नजरअंदाज कर दिया जाता है।
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फगवाड़ा के गुरदीप सिंह बताते हैं कि उन्होंने अपने भतीजे की शादी में ड्रोन का इस्तेमाल किया था। इससे समारोह की रौनक बढ़ गई थी। वहीं अपने बेटे की शादी अमृतसर में करने वाले प्रदीप लुथरा कहते हैं कि शादी खर्च करने का समय होता है।
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कैमरा, जूम लैंस और ड्रोन आपके शादी समारोह को जबरदस्त वीडियो और दृश्यता देते हैं। ड्रोन से लिये जाने वाले वाइड एंगल और टॉप एंगल शॉट साधारण कैमरा से करना असंभव है।
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हालांकि इसके साथ भी कुछ चीजें जुड़ी हैं शादी समारोह का स्थान बड़ा और महंगा होना चाहिए ताकि ड्रोन को उड़ान भरने में आसानी हो। सिनेमेटोग्राफर अशोक वी रमन के पास दो ड्रोन हैं। वे कहते हैं कि इनडोर शादी में ड्रोन का इस्तेमाल मुश्किल होता है।
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ड्रोन के साथ एक छोटा कानूनी पहलू भी है। इनके लिए कोई स्पष्ट और अलग हवाई रास्ता या सीमा न होने के चलते ये दिक्कत आती है।
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सुरक्षा कारणों के चलते ड्रोन के वायु मार्ग या हवाई पट्टी पर आने का भी खतरा होता है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने 7 अक्टूबर 2014 को सिविल ड्रोन और गैर सरकारी एजेंसियों के लिए नियमावली भी जारी की है।