हाथरस में बिटिया के साथ हुई दरिंदगी को लेकर देशवासियों का खून खौल रहा है। पहले सामूहिक दुष्कर्म, उसके बाद मौत और फिर देर रात अंतिम संस्कार की खबरों ने तमाम सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं मौत के बाद बिटिया की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जो बातें सामने आईं उसे जानकर लोगों के रोंगटे खड़े हो जा रहे हैं। लोग हैरान हैं कि कोई दुष्कर्म जैसी घिनौनी वारदात को अंजाम देने बाद बिटिया के साथ क्रूरता करते रहने की हिम्मत कैसे कर सकता है।
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बिटिया की चिता
- फोटो : अमर उजाला
पोस्टमार्टम में खुलासा हुआ है कि बिटिया की गर्दन की हड्डी टूटी हुई थी। इसके अलावा गला दबाने के भी निशान मिले हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार बिटिया के गले को बहुत ही जोर से दबाया गया था। गर्दन पर ओ मार्क के निशान मिले हैं।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
हालांकि पोस्टमार्टम करने वाले मेडिकल बोर्ड ने रिपोर्ट में कहा है कि गर्दन को दबाया जरूर गया है मगर इससे युवती की मौत नहीं हुई है। सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि बिटिया को हार्ट अटैक भी आया था, मगर इससे भी उसकी मौत नहीं हुई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि युवती की गर्दन के साथ शरीर में कई जगह फ्रैक्चर थे। स्पाइन को गर्दन से जोड़ने वाली हड्डी में फ्रैक्चर होने की बात कही गई है।
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हाथरस कांड
- फोटो : अमर उजाला
डॉक्टरों ने रिपोर्ट में दुष्कर्म के बारे में जिक्र नहीं किया है। अमर उजाला ने गुरुवार को ही इस बात को प्रकाशित किया था कि 15 दिन से ज्यादा होने पर दुष्कर्म की पुष्टि करना काफी मुश्किल होता है।
सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि युवती का विसरा, नाखूनों से लिए गए सैंपल व विजाइनल स्वैब को सुरक्षित रखा गया है। स्वैब में अगर किसी तरह के नमूने पाए जाते हैं तो उसे डीएनए जांच के लिए भेजा जाता है उसके बाद दुष्कर्म आदि की पुष्टि होती है। डॉक्टरों ने यह भी कहा है कि विसरा जांच से ये बातें स्पष्ट हो पाएंगी।