रावण के पुतले में रंग भरते कारीगर
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गोविंद ने बताया कि अबकी बार यूपी के बरेली, बदांयू, सहसवान, उझियानी से लगभग 60 कारीगर अपने साथियों के साथ यहां आए हैं। 10 वर्ष पहले तक केवल दो तीन लोग ही आते थे, तब कंप्टीशन कम था, अब बहुत बढ़ गया है। पिता सोरन सिंह के साथ उसने गुरुग्राम में ये काम सीखा था।