गुरुग्राम के चिनटेल्स पैराडाइसो सोसाइटी में डी टावर में मलबे में दबे सुनीता श्रीवास्तव का शव शनिवार रात करीब पौने 12 बजे निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। 54 घंटे तक शव मबले में दबा रहा था। रात में ही एनडीआरएफ की टीम इस रेस्क्यू ऑपरेशन को समाप्त कर लौट गई। अब आगे की कार्रवाई में जिला प्रशासन और संबंधित विभाग की टीम जुटी हुई है। पहले तल पर मलबे में दबे महिला के शव को निकालने के लिए एनडीआरएफ की टीम को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। बिल्डिंग की बीम में दरार आने के कारण हादसा होने का खतरा बढ़ गया। इसके चलते रेस्क्यू ऑपरेशन काफी धीमी गति से किया गया। शनिवार को स्थित और खराब हुई जब मलबा पहले तल से ग्राउंड फ्लोर पर आ गया। एनडीआरएफ की टीम ने अन्य इंजीनियरिंग विभाग के साथ मिलकर बेसमेंट के पिलर और बीम को शटरिंग और मिट्टी के कट्टे लगाकर सपोर्ट किया।
इसके बाद देर रात करीब पौने बारह बजे शव को निकाला गया। एसीपी राजीव यादव का कहना है कि एनडीआरएफ, दमकल, सिविल डिफेंस और प्रशासन की टीम की मौजूदगी में देर रात शव को निकाला गया।
पोस्टमार्टम कराकर शव परिजानों को सौंप दिया। इससे पहले घटना के 17 घंटे बाद मृतका के पति अरुण श्रीवास्तव को सुरक्षित निकाला गया था।
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- फोटो : अमर उजाला
एनडीआरएफ के डिप्टी कमांडेंट कुलेश अनंत ने बताया कि बचाव कार्य के दौरान काफी मलबा नीचे गिर रहा था। इससे दिक्कत आ रही थी। ग्राउंड फ्लोर की नीचे की बीम में भी दरार आ गई थी। इसको देखते हुए बेसमेंट में शटरिंग, मिट्टी के कट्टे लगाकर सपोर्ट दिया गया था।
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डी टावर के आसपास 50 मीटर के दायरे में बंद की आवाजाही
स्थानीय लोगों की सुरक्षा को देखते हुए एनडीआरएफ की टीम ने डी टॉवर के आसपास करीब 50 मीटर के दायरे में रस्से बांध कर आम लोगों की आवाजाही को पूरी तरह से बंद करा दिया है। वहां मौजूद पुलिसकर्मी इस रस्सी से आगे किसी को भी नहीं आने दे रहे हैं।
अभी भी मलबे में फंसा है सुनीता का शव
बृहस्पतिवार शाम करीब छह बजे हादसा हुआ था। इसमें पहली मंजिल पर अरुण श्रीवास्तव पत्नी सुनीता के साथ टीवी देखते हुए चाय पी रहे थे। मलबे में दबे अरुण को करीब 16 घंटे बाद सुरक्षित बाहर निकाल लिया था। लेकिन सुनीता के शव को निकालने में टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ी। करीब 54 घंटे बाद सुनीता का शव निकाला जा सका।
जारी है स्थानीय लोगों का प्रदर्शन
घटना के बाद से स्थानीय लोगों में रोष है। डी टावर में रहने वाले अन्य लोग क्लब हाउस और परिचितों के यहां रह रहे हैं। सीबीआई जांच की मांग, एफआईआर दर्ज कराने, बिल्डर की गिरफ्तारी, मुआवजे की मांग समेत कई मांगोंको लेकर धरने पर बैठै हैं।