फर्जी दूतावास चलाने वाले नटवरलाल को लेकर नए-नए खुलासे हो रहे हैं। राजनयिक सलाहकार से चार गाड़ियों में से तीन एक्सपायर मिलीं हैं। नटवरलाल कारों और विदेशी घड़ियों का शौकीन है। आरोपी का धर्मगुरु चंद्रास्वामी से भी कनेक्शन सामने आया है।
दिल्ली से सटे गाजियाबादज में किराए के मकान सें काल्पनिक देशों के फर्जी दूतावास चलाने वाले नटवरलाल हर्षवर्धन जैन को लेकर नए-नए खुलासे हो रहे हैं। उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने आरोपी को गाजियाबाद के कविनगर इलाके से पकड़ा है। आरोपी हर्षवर्धन जैन खुद को काल्पनिक देशों का राजनयिक सलाहकार बताता था। आरोपी विदेशों में नौकरी और बिजनेस डील कराने का वादा करके लोगों से ठगी करता था। आरोपी का धर्मगुरु चंद्रास्वामी से भी कनेक्शन सामने आया है।
विज्ञापन
2 of 9
फर्जी दूतावास मामला
- फोटो : अमर उजाला
चंद्रास्वामी और अदनान खरगोशी के संपर्क में था आरोपी
एसटीएफ ने बताया कि वर्ष 2000 में आरोपी की लंदन में आरोपी की मुलाकात धर्मगुरु चंद्रास्वामी से हुई। चंद्रास्वामी ने साऊदी के आर्म्स डीलर अदनान खरगोशी व एहसान अली सैयद से मुलाकात कराई। लंदन में रहने के दौरान ही आरोपी ने एहसान अली के साथ मिलकर 12 से अधिक कंपनियां बनाई और उनका प्रयोग हवाला और दलाली के लिए किया। वर्ष 2006 में आरोपी दुबई के उमालकुइंन में जाकर बस गया।
विज्ञापन
3 of 9
फर्जी दूतावास
- फोटो : संवाद
इसमें उसकी मदद दुबई में रहने वाले चचेरे भाई ने की। वहां हैदराबाद निवासी शफीक और दुबई निवासी इब्राहीम अली बिन शारमा के साथ मिलकर और कंपनियों बना ली। आरोपी ने कंपनियों के माध्यम से विभिन्न देशों में काम दिलाने के नाम पर दलाली की। आरोपी वर्ष 2011 में दुबई से भारत आ गया। वर्ष 2012 में गाजियाबाद पुलिस ने आरोपी के पास से एक सैटेलाइट फोन बरामद किया था। इसका मुकदमा कवि नगर थाने में दर्ज है।
4 of 9
गाजियाबाद में फर्जी दूतावास
- फोटो : संवाद
राजनयिक सलाहकार से मिलीं चार गाड़ियों में से तीन एक्सपायर
खुद को चार देशों का राजनयिक सलाहकार और दो देशों का राजदूत होने का दावा करने वाले हर्षवर्धन जैन के फर्जी दूतावास से एसटीएफ ने चार लग्जरी गाड़ियां बरामद की हैं। पुलिस ने चारों गाड़ियों की जांच पड़ताल की तो बरामद कारों में मर्सिडीज 19 वर्ष पुरानी तो दो हुंडई सोनाटा कार 16 और 17 साल पुरानी हैं। इनकी फिटनेस भी खत्म हो चुकी है। जबकि हुंडई गेट्ज पांच वर्ष पुरानी है। पुलिस और लोगों पर रसूखदार होने का दावा करने वाला नटवरलाल हर्षवर्धन विदेशी घड़ियों का भी शौकीन है। एसटीएफ ने दो स्वदेशी सहित 12 विदेशी घड़ियां भी बरामद की हैं।
विज्ञापन
5 of 9
गाजियाबाद में फर्जी दूतावास
- फोटो : संवाद
एसीपी कविनगर भास्कर वर्मा ने बताया कि चारों गाड़ियों में से तीन एक्सपायर हैं। वास्तविक नंबर प्लेट न होने से पुलिस चेकिंग में पकड़ में नहीं आईं। चारों लग्जरी गाड़ियों पर लगे विदेशी झंडे और विदेशी काउंसिल की नंबर प्लेट से पुलिस भी धोखा खा गई। हर्षवर्धन जैन ने पूछताछ में बताया कि मर्सिडीज उनके ससुर के नाम पर है और उन्होंने ही उपहार में दी थी। जबकि एक हुंडई सोनाटा उनकी पत्नी डिंपल जैन के नाम पर है और दूसरी उनके साले के नाम पर है। हुंडई गेट्ज कार का वह स्वयं मालिक है।
विज्ञापन
6 of 9
आरोपी हर्षवर्धन जैन
- फोटो : अमर उजाला
हवाला के काम में होता था कारों का प्रयोग
एसटीएफ की टीम ने आशंका जताई है कि लग्जरी गाड़ियों का इस्तेमाल लोगों को झांसे में लेने और हवाला के काम में प्रयोग होता था। इसकी जांच एसटीएफ करेगी। बताया कि लंदन और दुबई में हर्षवर्धन ने करीब 18 कंपनियां स्थानीय लोगों के साथ मिलकर बनाईं। इन सभी कंपनियों के जरिए हर्षवर्धन हवाला के धंधे में लिप्त था। एसटीएफ ने हर्षवर्धन से उसके और रिश्तेदारों के बैंक की बाबत भी जानकारी जुटाई है।
विज्ञापन
7 of 9
फर्जी दूतावास मामला
- फोटो : अमर उजाला
दुनिया के नक्शे में नहीं दो देशों का नाम
कविनगर पुलिस के अनुसार हर्षवर्धन ने चार देशों का राजनयिक सलाहकार होने का दावा किया है। इनमें से वेस्ट आर्कटिका और सबोरगा ही घोषित हुए देश हैं। जबकि पॉल्विया और लॉडोनिया देश दुनिया के नक्शे में ही नहीं हैं। हालांकि हर्षवर्धन का दावा है कि वह भी स्थानीय लोगों द्वारा घोषित हुए देश हैं। जांच पड़ताल करने में ऐसे स्वयं-भू देशों के बारे में जानकारी नहीं मिली है।
8 of 9
फर्जी दूतावास मामला
- फोटो : अमर उजाला
खुद को बताया था कई देशों का राजनयिक
वर्ष 2012 में आरोपी सेबोर्गा का एडवाइजर बन गया। यह इटली का एक गांव है। इसको माइक्रोनेशन (स्वघोषित देश) माना जाता है। इसी तरह वर्ष 2016 में वेस्ट आरटिका ने अवैतनिक राजदूत बनाया। जबकि पोलिबिया लोडोसिया देश में भी राजदूत का पद लिया था। इन पदों का प्रयोग कर आरोपी विभिन्न कंपनियों और लोगों को काम दिलाने के नाम पर दलाली और धोखाधड़ी कर रहा था। लोगों पर प्रभाव जमाने के लिए आरोपी ने घर पर विभिन्न देशों के झंडे लगा रखे थे।
ये सामान हुआ बरामद
टीम ने मौके से फर्जी राजनयिक नंबर प्लेट लगी चार गाड़ियां, 18 राजनयिक नंबर प्लेट, 12 पासपोर्ट, विदेश मंत्रालय की फर्जी मोहरें, दो पैन कार्ड, अलग-अलग 34 देशों की कंपनियों की मोहरें, दो प्रेस कार्ड और 44.70 लाख रुपये व विदेशी मुद्रा बरामद की हैं।