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शिवपाल ने खोले सियासी पत्ते: प्रसपा को फिर से खड़ा करेंगे, कहा- अखिलेश ऐसा करते तो 'आजमगढ़ का रण' मैं जीतकर दे देता

Wed, 13 Jul 2022 06:03 PM IST
प्रशांत कुमार अमर उजाला ब्यूरो, गाजियाबाद
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Shivpal Yadav - फोटो : अमर उजाला
पूर्व मंत्री शिवपाल यादव का दर्द एक बार फिर छलका है। उन्होंने कहा कि हमारे साथ धोखा हुआ है। उनका कहना है कि विधानसभा चुनाव से पहले उनके घर पर आए सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश ने उनकी पार्टी को प्रदेशभर में सीटें देने और सम्मान देने का आश्वासन दिया था, लेकिन सम्मान और जिम्मेदारी नहीं दी। अगर दी होती तो समाजवादी पार्टी आज यूपी की सत्ता में होती। बता दें कि शिवपाल यादव ने राष्ट्रपति चुनाव में एनडीए की प्रत्याशी द्रोपदी मुर्मू का समर्थन करके फिर संकेत दे दिए हैं कि चाचा-भतीजे यानी अखिलेश और शिवपाल के रिश्तों में फिर से खटास बढ़ गई है।
 
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Shivpal Yadav - फोटो : अमर उजाला
शिवपाल यादव बुधवार को गाजियाबाद के शास्त्री नगर में पूर्व आईएएस अधिकारी व प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के नेता चक्रपाणि यादव के घर पहुंचे। यहां उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव में अभी परिपक्वता की कमी है। परिपक्वता की कमी ना होती तो उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव का नतीजा यह ना होता।
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शिवपाल सिंह यादव। - फोटो : amar ujala
उन्होंने रामपुर और आजमगढ़ लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में समाजवादी पार्टी को मिली करारी हार पर कहा कि अखिलेश यादव ने उन्हें चुनाव में ना तो कोई जिम्मेदारी दी और ना ही स्टार प्रचारकों की लिस्ट में शामिल किया। अगर उन्हें जिम्मेदारी दी गई होती तो कम से कम आजमगढ़ की सीट जीत कर उन्हें दे देता।

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प्रसपा अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव - फोटो : अमर उजाला
समाजवादी पार्टी के विधायक होने के बावजूद पार्टी से अलग जाकर एनडीए कि राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू का समर्थन करने पर उन्होंने कहा कि विपक्ष और उनकी पार्टी ने उनसे कभी राष्ट्रपति उम्मीदवार के लिए वोट नहीं मांगा ना ही उन्हें मीटिंग में बुलाया गया। एनडीए ने उन्हें भोज पर बुलाया और वोट मांगा तो उन्होंने समर्थन देने की हामी भर दी।
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शिवपाल सिंह यादव व अखिलेश यादव। - फोटो : amar ujala
शिवपाल यादव ने नवंबर में होने वाले उत्तर प्रदेश के नगर निकाय चुनाव में समाजवादी पार्टी से अलग प्रत्याशी उतारने की बात कही। उन्होंने कहा कि जल्द ही प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के संगठन को दोबारा खड़ा करेंगे और चुनाव की तैयारी में जुटेंगे।
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