संतोष देवी ने बनाई ये चटाइयां
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बिचौलिए, ठेकेदार उठा रहे लाभ, नहीं मिल रही उचित कीमत
संतोष देवी ने कहा कि चटाई बनने के बाद में दो सौ से तीन रुपये में ठेकेदार खरीदकर ले जाते हैं। जिसके बाद आगे कंपनी और अन्य संस्थाओं में वहीं माल ठेकेदारों या बिचौलियों द्वारा सात से आठ सौ रुपये में बेच दिया जाता है। लोकल स्तर पर अधिक दाम नहीं मिलता जबकि ऊपर जाकर वही माल महंगे दामों में बेचा जाता है। संतोष देवी ने कहा कि सरकार को कुछ इस तरह की योजनाएं लानी चाहिए जिसमें चटाई निर्माता को एक निश्चित मू्ल्य मिल सके। उन्होंने कहा कि सरकार हस्तशिल्प को बढ़ावा दे रही है, लेकिन बिचौलियों और ठेकेदारों का वर्चस्व खत्म होना चाहिए, ताकि निर्माता अपना माल सीधे ग्राहकों को बेच सकें।