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चानू की चांदी: 2017 में चानू आईं थीं मोदीनगर, कोच विजय ने जीत में निभाई बड़ी भूमिका, जानिए उनके बारे में सबकुछ

Sun, 25 Jul 2021 10:26 AM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद

सार

मोदीनगर के रहने वाले भारतीय वेट लिफ्टिंग टीम के कोच विजय कुमार शर्मा और खिलाड़ियों की संयुक्त मशक्कत के बाद भारत को 21 साल बाद टोक्यो ओलंपिक में वेट लिफ्टिंग में पदक मिला है।
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meera bai chanu - फोटो : अमर उजाला
शनिवार का दिन पूरे देश और गाजियाबाद के लिए एतिहासिक दिन रहा। दरअसल टोक्यो में आयोजित ओलंपिक खेलों में वेट लिफ्टिंग में भारत को 21 साल बाद मेडल मिला है। इसके पीछे मोदीनगर, गाजियाबाद के रहने वाले कोच विजय कुमार शर्मा की भी मेहनत है। भारतीय वेट लिफ्टिंग टीम और रेलवे टीम के कोच विजय कुमार शर्मा ने ही देश के लिए सिल्वर मेडल जीतने वाली मीराबाई चानू को ट्रेनिंग दी है। पटियाला स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स में पांच साल की कड़ी ट्रेनिंग के बाद मीराबाई चानू ने मेडल जीतकर देश को यह सम्मान दिलाया है।

उनकी इस उपलब्धि पर शनिवार को मोदीनगर की कैलाश कॉलोनी स्थित उनके पैतृक आवास पर पहुंचकर बधाई देने वालों का तांता लगा रहा। विजय कुमार शर्मा के परिवार ने भी इस एतिहासिक दिवस पर खुशियां मनाईं। मोदीनगर के रहने वाले भारतीय वेट लिफ्टिंग टीम के कोच विजय कुमार शर्मा और खिलाड़ियों की संयुक्त मशक्कत के बाद भारत को 21 साल बाद टोक्यो ओलंपिक में वेट लिफ्टिंग में पदक मिला है।
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2017 में मोदीनगर आई थीं मीराबाई चानू

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coach vijay family - फोटो : अमर उजाला
विजय शर्मा मोदीनगर में अपनी मां सोमा देवी, भाई अजय शर्मा, पत्नी विनीता शर्मा, बेटा जय शर्मा और बेटी अनुष्का शर्मा के साथ मोदीनगर में संयुक्त परिवार में रहते हैं। भाई अजय शर्मा ने बताया विजय ने खुद को खेल के लिए पूरी तरह समर्पित कर रखा है। स्कूली शिक्षा के समय से ही उनकी खेलों में विशेष रुचि रही है। पहले फुटबॉल, फिर रेस और इसके बाद वेट लिफ्टिंग को चुना तो इसी में रम गए।
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कोच विजय शर्मा का परिवार उनकी उपलब्धि पर खुशी मनाता हुआ - फोटो : अमर उजाला
1993 में स्पोर्ट्स कोटे से उन्हें रेलवे में टीसी की नौकरी मिली। रेलवे को उन्होंने कई स्वर्ण पदक दिलाए। वह इंटर रेलवे चैंपियनशिप में चार बार विजेता रहे और 1998 व 1999 में वेटलिफ्टिंग में दो बार नेशनल चैंपियन रहे। 2018 में उन्हें द्रोणाचार्य अवार्ड मिला। वह एक सख्त गुरु माने जाते हैं।

ओलंपिक खेलों में देश को सिल्वर मेडल दिलाने वाली मीराबाई चानू करीब 5 साल से विजय कुमार शर्मा के अंडर में ट्रेनिंग कर रही हैं। वह वर्ल्ड चैंपियन बनने के बाद 2017 में मोदीनगर में यूपी स्टेट चैंपियनशिप में खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाने आई थीं। कोच विजय कुमार शर्मा के साथ उन्होंने मोदीनगर में काफी समय बिताया था।

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कोच विजय शर्मा का परिवार उनकी उपलब्धि पर खुशी मनाता हुआ - फोटो : अमर उजाला
सरकार दे साथ तो आएंगे और मेडल
शनिवार का दिन देश के लिए ऐतिहासिक दिन रहा। कर्णम मल्लेश्वरी के मेडल जीतने के 21 साल बाद देश को वेट लिफ्टिंग में मेडल मिला है। देश में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है। सरकार अगर उनका साथ दे तो खेलों में भारत का नाम और ऊपर पहुंच सकता है। खिलाड़ियों का उद्देश्य सिर्फ सरकारी नौकरी पाना नहीं, बल्कि देश के लिए मेडल जीतना होना चाहिए। - निर्भय सिंह, नेशनल खिलाड़ी व पुलिस कोच

वेट लिफ्टिंग में गांव-देहात से जुड़े युवा खिलाड़ी ज्यादा हैं। इन्हें ट्रेनिंग तो मिल जाती है, लेकिन अधिकांश खिलाड़ियों को डाइट प्लान फॉलो करने में आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। सरकार खिलाड़ी के सफर में शुरुआती दौर से ही साथ दे तो भारत के नाम और ज्यादा मेडल हो सकते हैं। खिलाड़ी को मेडल मिलने के बाद नहीं, सरकार उसे पहले से ही पहचान दें। - सुखमेंदर सिंह, वेट लिफ्टिंग कोच, मोदीनगर
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meera bai chanu
हर खिलाड़ी का सपना होता है कि वह देश के लिए मेडल जीतकर लाए। उनकी मेहनत रंग लाती भी है। मीराबाई चानू उसका ताजा उदाहरण है। सरकार खिलाड़ियों को सुविधाएं दिलाए तो खेल प्रतिभाएं और ज्यादा निखरेंगी। मेरा भी सपना है कि देश के लिए मेडल लाऊं। जल्द ही स्टेट ट्रायल में भाग लूंगा। - बंटी, वेट लिफ्टर 

मेहनत व समर्पण की जीत
यह जीत मेहनत व समर्पण की है। मीराबाई चानू की कड़ी और लगन से उन्हें यह मेडल मिला है। सफलता पाने के लिए कड़ी के अलावा कोई रास्ता नहीं है। - विजय कुमार शर्मा, मीराबाई चानू के कोच
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