गाजियाबाद सुसाइड में सामने आया अहम तथ्य सामने आया है। पिता की जुबां पर स्कूल का नाम आ गया है। अब कठघरे में फेल होने का दावा आ गया है। घटना के चौथे दिन चेतन ने पुलिस को बताया बेटियों का दाखिला कहां कराया था।
गाजियाबाद की भारत सिटी सोसायटी में हुई तीन बहनों की आत्महत्या के मामले में किशोरियों की शिक्षा को लेकर अहम और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। कई दौर की पूछताछ के बाद घटना के चौथे दिन शनिवार को पिता चेतन कुमार ने पुलिस को बेटियों के स्कूल का नाम बताया है।
इसके साथ ही चेतन के शुरुआती बयान एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गए हैं। वह पुलिस और पत्रकारों से बता चुके हैं कि बेटियों की पढ़ाई फेल होने के कारण छूटी। हालांकि, चेतन जिस शैक्षणिक अवधि का जिक्र कर रहे हैं, उस दौरान पूरे देश में शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2010 प्रभावी था।
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Ghaziabad Sisters Suicide
- फोटो : अमर उजाला
इसके तहत पांचवीं कक्षा तक किसी भी छात्र को फेल नहीं किया जा सकता था। सवाल है कि जब नियम ही नहीं था तो किशोरियां फेल कैसे हुईं। बेटियों की मौत के बाद उनकी शिक्षा को लेकर तमाम बातें सामने आई थीं।
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Ghaziabad Sisters Suicide
- फोटो : अमर उजाला
चेतन ने पुलिस के साथ ही सार्वजनिक रूप से पत्रकारों से बातचीत में कहा था कि तीनों बच्चियां स्कूल में फेल हो गई थीं। इसके बाद उनकी पढ़ाई छूट गई। उस समय निशिका कक्षा चार, प्राची तीन और पाखी दो में थी।
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भारत सिटी सोसायटी में तीन किशोरियों की सामूहिक आत्महत्या के बाद जांच के लिए आई पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हालांकि, बेटियां किस स्कूल में पढ़ रही थीं, परिवार यह नहीं बता रहा था। पुलिस के अनुसार, अब चेतन ने बताया है कि बेटियों का दाखिला शालीमार गार्डन थाना क्षेत्र में संचालित एक प्रतिष्ठित निजी स्कूल में कराया था, जहां उन्होंने वर्ष 2014 से 2020 के बीच पढ़ाई की।
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एंबुलेंस में शव को लेकर जाते लोग
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
चेतन का दावा था कि बच्चियां एक-दो बार कक्षा में फेल हुई थीं। अब पुलिस स्कूल प्रबंधन से बातचीत कर चेतन के बयानों की तथ्यात्मक जांच करेगी। इससे स्पष्ट होगा कि चेतन का दावा सच है या एक बार फिर उनके बयानों की परतें खुलेंगी और नए तथ्य सामने आएंगे।
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भारत सिटी सोसायटी में तीन किशोरियों की सामूहिक आत्महत्या
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
स्कूल प्रबंधन से संपर्क किया गया है। उनसे बच्चियों के शैक्षणिक रिकॉर्ड मांगे गए हैं, ताकि बातें स्पष्ट हो सकें। जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जाएगा। -निमिष पाटील, डिसीपी ट्रांस हिंडन
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भारत सिटी सोसायटी में तीन किशोरियों की सामूहिक आत्महत्या के बाद जांच के लिए आई पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बेटियों से छीना एक मोबाइल फोन बरामद
हादसे के बाद पुलिस पूछताछ में यह बात सामने आई थी कि कोरियल कल्चर व मोबाइल की लत को देखते हुए चेतन ने निशिका और प्राची से मोबाइल फोन छीन लिए थे। इसके बाद से पुलिस दोनों मोबाइल के आईएमईआई नंबर ट्रेस कर रही थी।
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फ्लैट में फैली तस्वीरें
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
शनिवार रात पुलिस ने एक मोबाइल फोन बरामद कर लिया। डीसीपी निमिष पाटील ने बताया कि मोबाइल को जांच के लिए फॉरेंसिक लैब भेजा जाएगा। दूसरे मोबाइल को भी टीम ट्रेस कर रही है। पुलिस की नजर कोरियन कल्चर या गेम से जुड़े साक्ष्य पर है।
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भारत सिटी सोसायटी में तीन किशोरियों की सामूहिक आत्महत्या के बाद जांच करती पुलिस टीम
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गाजियाबाद में ऑनलाइन गेमिंग की लत में तीन मासूम बहनों ने दी जान
गाजियाबाद के एक सोसायटी में ऑनलाइन गेम की लत के चलते नौवीं मंजिल की बालकनी से कूदकर तीन बहनों ने जान दे दी। तीन नाबालिग बहनों निशिका (16), प्राची (14) और पाखी (12) की मौत की इस दर्दनाक घटना ने देश को झकझोर दिया है।
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भारत सिटी सोसायटी के फ्लैट में कमरे की दीवार पर किशोरी ने लिखी लाइन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पुलिस के मुताबिक, मोबाइल फोन की लत और कोरियाई लवर गेम से प्रभावित तीनों बहनें फोन छीन लिए जाने से आहत थीं। दिल दहला देने वाली यह घटना साहिबाबाद के टीलामोड़ की भारत सिटी सोसायटी में मंगलवार देर रात करीब दो बजे हुई।
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भारत सिटी सोसायटी के फ्लैट में तीन किशोरियों की सामूहिक आत्महत्या के बाद पुलिस को मिला नोट
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पुलिस को किशोरियों के कमरे से पॉकेट डायरी मिली है, जिसमें आठ पेज का सुसाइड नोट लिखा गया है। इसमें लिखा है कि सॉरी पापा, आई एम रियली सॉरी।
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ghaziabad suicide
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
रोज घंटों खेला करती थीं कोरियाई गेम
पिता चेतन कुमार ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि तीनों बहनों को मोबाइल फोन की गंभीर लत थी और रोज घंटों कोरियाई गेम खेला करती थीं। तीनों ने अपने कोरियाई नाम मारिया, अलीजा और सिंडी भी रख लिए थे।
कोरियाई लव गेम के फेर में फंस गई थीं किशोरियां
चेतन ने बताया, तीन दिन पहले उन्होंने बेटियां से फोन छीन लिए थे। इस बात से तीनों बेहद परेशान थीं और छिपकर माता-पिता का फोन इस्तेमाल करती थीं। पुलिस के मुताबिक, किशोरियां टास्क आधारित कोरियाई लव गेम के फेर में फंस गई थीं।