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गाजियाबाद हत्याकांड: गहरी नींद में सोए हुए थे सभी कर्मचारी, अचानक होने लगी गोलियों की बारिश, और फिर...

Wed, 10 Mar 2021 09:14 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
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आरोपी गार्ड - फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में कविनगर इंडस्ट्रियल एरिया स्थित फैक्टरी में तैनात फर्रूखाबाद निवासी गार्ड ज्ञानेंद्र सिंह ने मंगलवार सुबह तीन बजे परिसर में ही कमरे में सो रहे कर्मचारियों पर अपनी लाइसेंसी बंदूक से गोलियां बरसा दीं। गोली लगने से बिहार निवासी कर्मचारी राजू यादव की मौत हो गई, जबकि बलिया निवासी दो कर्मचारी उमेश यादव व विजय यादव घायल हो गए। 
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी गार्ड - फोटो : अमर उजाला
रात नौ बजे आरोपी ने फायरिंग कर हत्या करने की धमकी दी थी। घायलों को जिला एमएमजी अस्पताल में भर्ती कराया। मृतक के रिश्तेदार व सहकर्मी राजू की तहरीर पर कविनगर पुलिस ने हत्या व हत्या की कोशिश की धाराओं में केस दर्ज कर आरोपी गार्ड को गिरफ्तार कर लिया है।
 
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इसी फैक्टरी में हुई घटना - फोटो : अमर उजाला
जिला सिवान, बिहार के गांव कचनार निवासी राजू के मुताबिक वह और जिला सिवान के ही गांव पटखवलि निवासी उनके रिश्तेदार राजू यादव कविनगर इंडस्ट्रियल एरिया के डी-25 स्थित मल्टीटेक कंपनी में नौकरी करते थे। दिन में ड्यूटी करने के बाद उन दोनों समेत नौ लोग फैक्टरी के गेट के पास स्थित गार्ड रूम के पास कमरे में सो रहे थे। मंगलवार तड़के करीब साढ़े तीन बजे थाना अमृतपुर, फर्रूखाबाद के गांव पिथनापुर निवासी फैक्टरी के गार्ड ज्ञानेंद्र ने खिड़की से अपनी लाइसेंसी बंदूक से कमरे में सो रहे कर्मचारियों पर गोलियां बरसानी शुरू कर दी।
 

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ghaziabad murder - फोटो : अमर उजाला
ताबड़तोड़ फायरिंग होती देख कमरे में सो रहे कर्मचारियों में भगदड़ मच गई। गोली लगने से उनके रिश्तेदार राजू यादव के अलावा बलिया के गांव व्यासी निवासी विजय यादव और गांव हसनपुरा निवासी उमेश घायल हो गए। दूसरे कमरे में सो रहे कर्मचारियों ने यूपी-112 पर सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने आरोपी गार्ड ज्ञानेंद्र को हिरासत में लेकर घायलों को जिला अस्पताल भिजवाया। लेकिन रास्ते में ही राजू यादव की मौत हो गई।
 
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आरोपी गार्ड - फोटो : अमर उजाला
रात में आरोपी का दूसरे गार्ड से हुआ था विवाद
घायल कर्मचारी उमेश व विजय ने बताया कि ज्ञानेंद्र का सोमवार रात करीब नौ बजे फैक्टरी के ही दूसरे गार्ड सतीश से किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। रात करीब साढ़े 9 बजे ज्ञानेंद्र ने हवाई फायरिंग कर सतीश को जान से मारने की धमकी दी थी। उमेश ने बताया कि विवाद के बाद सतीश दूसरे कमरे में जाकर सो गया था, लेकिन ज्ञानेंद्र को शक था कि उन्होंने सतीश को अपने कमरे में छिपा रखा है। इसी बात से तैश में आकर उसने कमरे में सो रहे सभी कर्मचारियों पर गोलियां बरसा दीं।
 
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गाजियाबाद में गार्ड ने नौ लोगों पर बरसाईं गोलियां - फोटो : अमर उजाला
बाहर से कुंडी लगाई, खिड़की से गोलियां दागीं
साथी गार्ड से विवाद के बाद ज्ञानेंद्र के सिर पर खून सवार हो गया था। उसने बदला लेने के लिए वह वक्त चुना जब सब गहरी नींद में सोए हुए थे। कोई बच न सके, इसके लिए उसने पहले बाहर से कमरे की कुंडी लगाई और फिर खिड़की से गोलियां दागनी शुरू कर दीं। बाहर निकलने का कोई रास्ता न होने के कारण सभी 9 कर्मचारी जान बचाने के लिए इधर- उधर दौड़ रहे थे। गोली की आवाज बंद होने के बाद फैक्टरी में मौजूद अन्य कर्मचारियों ने कुंडी खोली, जिसके बाद कमरे में बंद कर्मचारियों ने भागकर जान बचाई। लेकिन तब तक तीन को गोली लग चुकी थी।
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गोलीबारी में घायल - फोटो : अमर उजाला
नहीं छिपते तो सबको मार डालता
कर्मचारियों का कहना है कि खिड़की से फायरिंग शुरू होते ही कमरे में सो रहे सभी कर्मचारी हड़बड़ाकर उठ गए। वह कुछ समझ पाते इससे पहले ही ज्ञानेंद्र ने दूसरी गोली लोड कर गोली चला दी। इसके बाद कमरे में जान बचाने के लिए कर्मचारी चिल्लाते हुए इधर से उधर दौड़ने लगे। शुरूआती तीन गोलियों में राजू यादव, उमेश यादव और विजय यादव घायल हो गए थे। जिसके बाद कमरे में मौजूद अन्य कर्मचारियों ने चारपाई और दीवार की आड़ में छिपकर जान बचाई। कर्मचारियों का कहना है कि अगर वह नहीं छिपते तो ज्ञानेंद्र उन्हें मार डालता।

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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी गार्ड - फोटो : अमर उजाला
गार्ड से बदला लेना था, कर्मचारी शिकार हो गया
घायल विजय व उमेश के मुताबिक ज्ञानेंद्र को शक था कि साथी गार्ड सतीश उनके कमरे में सोया हुआ है। इसी बात का बदला लेने के लिए उसने गोलियां बरसाईं। दूसरे कमरे में सोए गार्ड सतीश की जान तो बच गई, लेकिन कर्मचारी राजू यादव गोलीबारी का शिकार हो गया। उमेश के हाथ तो विजय के पैर में गोली लगने से उनकी जान बच गई।
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मृतक राजू का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
मासूम बेटी का पिता था राजू, तीन साल पहले हुई थी शादी
कर्मचारियों के मुताबिक गार्ड की गोलीबारी में जान गंवाने वाले राजू यादव की तीन साल पहले ही शादी हुई थी। वह दो साल की बेटी का पिता था। घटना के बाद राजू के परिजनों का रो-रोकर बुला हाल हो रहा है। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद राजू का शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया। 
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