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गाजियाबाद डबल मर्डरः अंशु का ट्यूशन टाइम बन गया मौत का कारण, सटाकर गोली चलाने से नहीं आई थी आवाज

Mon, 08 Feb 2021 10:04 AM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
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ghaziabad murder - फोटो : अमर उजाला
गाजियाबाद के मसूरी थाना क्षेत्र के सरस्वती विहार में हुए दोहरे हत्याकांड में पुलिस ने आरोपी महिला उमा (अम्मा) और सोनू (टेलर अंकल) को गिरफ्तार कर लिया। उनसे लूटी हुई नकदी, जेवरात व अन्य सामान बरामद हुआ। इस मामले में ट्यूशन पढ़ाने वाली अंशु के बारे में एक खुलासा हुआ है। बताया जा रहा है कि अंशु के ट्यूशन टाइमिंग ने उसकी जान ले ली और गोलियां चलने की आवाज आसपास में किसी को क्यों नहीं आई ये भी बात सामने आई है, वहीं तहकीकात में ये भी पता चला है कि बाकी बच्चों की जान कैसे बची पढ़ें पूरी खबर...
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मृतका डॉली और अंशु - फोटो : अमर उजाला
ट्यूशन टाइमिंग ने ली अंशु की जान
लोगों ने कहा कि अंशु प्रतिदिन 7.00 बजे से 7.30 बजे तक ट्यूशन पढ़ाने उनके घर पहुंच जाती थी और करीब नौ बजे तक बच्चों को पढ़ाने के बाद लौटती थी। इस दौरान आरोपी आ गए, उसे यहां बैठा देख, पहले उसे ही मौत के घाट उतार दिया। अगर अंशु ट्यूशन पढ़ाने नहीं आती तो उसकी जिंदगी बच जाती।
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बरामद गहने - फोटो : अमर उजाला
गोली मिस होने से बच गई बच्चों की जान
घटना के समय गोली मिस न होती तो तीनों बच्चे भी जिंदा न होते। पहले अंशु को गोली मारने के बाद दूसरी गोली सोनू ने डॉली को मारी। डॉली को मारने के बाद तीसरी गोली बच्चों पर चलाई तो वह मिस हो गई। इसके बाद आरोपी रसोई में गया और वहां से चाकू, सिल का बट्टा और पेचकस लेकर आया। उससे अंशु व डॉली के ऊपर प्रहार किया, जिससे वह बच न सकें। उसके बाद चाकू से बच्चों की गर्दन को काटा। उन्हें मृत समझकर छोड़ दिया।

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घटनास्थल की जांच करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने बताया कि दोनों हत्यारोपी उमा और सोनू पूरी योजना के साथ आए थे कि किसी को भी जिंदा नहीं छोड़ना है। सभी की हत्या करनी है। यदि कोई बच गया तो वह सारे मामले की पोल खोल देगा। घटना के दौरान घायल होने पर एक बेटी बेड के नीचे चली गई, जबकि दो बच्चों को उन्होंने मृत समझ लिया था। उसके बाद आरोपी वहां से निकल लिए। उन्हें लगा सभी लोगों की मौत हो चुकी है। पुलिस ने बताया कि पिस्टल में कई गोलियां थीं, जिसमें से दो गोली चल चुकी थीं और तीसरी गोली पर पिस्टल जाम हो गई थी।
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बरामद नकदी और हत्या में इस्तेमाल हथियार - फोटो : अमर उजाला
सटाकर गोली मारने से नहीं हुई थी आवाज
पुलिस ने बताया कि आरोपी ने बड़ी चालाकी के साथ घटना को अंजाम दिया। अंशु और डॉली को सटाकर गोली मारी थी, जिससे आवाज कम हो। अगर, वह दूर से गोली मारता तो आवाज ज्यादा होती। इसलिए आसपड़ोस में किसी को पता नहीं चला। क्योंकि आरोपी ने घटना के दौरान कमरे को भी बंद कर लिया था। जिस कमरे में घटना को अंजाम दिया, वह कमरा प्रथम तल पर था। वहां से थोड़ी बहुत आवाज बाहर तक नहीं आती।
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