गाजियाबाद के लोनी के ट्रॉनिका सिटी की कासिम विहार कॉलोनी में 16 सितंबर को हुई फर्नीचर कारोबारी और उसके पुत्र हत्या के आरोप पुलिस ने नौकर महरोज को गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से 12 हजार रुपये, कारोबारी का मोबाइल व खून से सने कपड़े बरामद हुए हैं। अमर उजाला ने एक दिन पहले ही नौकर पर शक होने की खबर प्रकाशित की थी। पुलिस के मुताबिक नौकर को पता चला था कि घर में पौने पांच लाख रुपये रखे हैं। उन्हें लूटने के लिए ही उसने दोहरे हत्याकांड को अंजाम दिया। हालांकि, वारदात के बाद घर खंगालने पर उसे 15 हजार रुपये ही मिले। एसपी ग्रामीण डॉ. ईरज राजा ने बताया कि बदायूं के गांव मिर्जापुर निवासी आरोपी नौकर महरोज रिश्ते में नईमुल हसन का भतीजा है। कुछ वर्षों से वह नईमुल के रामपार्क स्थित फर्नीचर गोदाम पर नौकरी करता था। 15 दिन पहले नईमुल के पास करीब पौने पांच लाख रुपये आए थे। इनमें से 50-50 हजार रुपये नईमुल के दोनों भाइयों के थे, जबकि बाकी रकम उसी की थी।
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फर्नीचर कारोबारी और बेटे की बेरहमी से हत्या
- फोटो : अमर उजाला
थैले में रख लिए खून से सने कपड़े और जूते
पिता-पुत्र की हत्या के दौरान आरोपी के कपड़े और जूते खून में सन गए थे। खतरा समझकर उसने उन्हें उतारकर थैले में रख लिया और नईमुल के कपड़े व जूते पहनकर मौके से भाग निकला।
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पिता-पुत्र के फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
रास्ते में उसने कारोबारी के कपड़े फेंक दिए और चाकू गोदाम के पीछे मिट्टी में दबा दिया। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने खून से सने कपड़े, कारोबारी का मोबाइल और 12 हजार रुपये बरामद कर लिए।
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फर्नीचर कारोबारी और बेटे की बेरहमी से हत्या
- फोटो : अमर उजाला
लूट के पैसों से कारोबार करना चाहता था आरोपी
दो साल से नौकरी करने वाले आरोपी महरोज ने हत्या से कुछ दिनों पहले अपना अलग काम शुरू करने की योजना बनाई थी। लेकिन उसका वेतन बहुत कम था। इसके लिए उसने नईमुल की हत्या कर उसके घर से कैश लूटने की योजना बनाई।
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मौके पर जमा भीड़
- फोटो : अमर उजाला
महरोज को पुराने फर्नीचर के काम की अच्छी जानकारी थी, लेकिन अलग काम शुरू करने के लिए उसे करीब चार से पांच लाख रुपये की जरूरत थी। आरोपी ने कुछ लोगों से पैसे भी मांगे, लेकिन नहीं मिले। उसे नईमुल हसन के पैसे आने की जानकारी हुई। उसने सोचा कि उसके पैसों से वह अपना काम शुरू कर सकता है।
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विलाप करते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
तिहरे हत्याकांड से आइडिया लेकर की वारदात
नौकर महरोज ने करीब तीन माह पहले लोनी में हुए तिहरे हत्याकांड से आइडिया लेकर फर्नीचर कारोबारी और उसके बेटे को मौत के घाट उतारा था। 28 जून को लोनी में कपड़ा कारोबारी रहीसुद्दीन समेत तीन लोगों की हत्या की गई थी।
इस वारदात को कारोबारी के भतीजे अय्यूब ने ही अंजाम दिया था। वह घटना वाली रात को चाचा के पास जाकर सो गया था और कैश लूटने के लिए तीन हत्या कर दी थीं। घटना की खबर पढ़कर महरोज ने भी यही आइडिया अपनाया। हैरत की बात यह है कि दोहरे हत्याकांड के बाद नौकर महरोज ने दोनों की कब्र खोदी थी। आरोपी पोस्टमार्टम के दौरान पीड़ित परिवार के साथ रहा।