एसटीएफ ने अवैध दूतावास का पर्दाफाश किया है। फर्जी सलाहकार को गिरफ्तार किया है। आरोपी 2018 से कविनगर में जाली दूतावास संचालित कर रहा था। 44.70 लाख रुपये की भारतीय और विदेशी मुद्रा बरामद की गई है।पकड़ा गया आरोपी बड़े मार्बल कारोबारी का बेटा है।
यूपी के गाजियाबाद जिले में एक ऐसे फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है, जिसके बारे में किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी। गाजियाबाद में एक कारोबारी अपनी कोठी में फर्जी दूतावास चला रहा था। आरोप खुद को काल्पनिक देशों का राजनयिक सलाहकार बताकर लोगों से विदेशों में नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी करता था।
स्पेशल टॉस्क फोर्स (एसटीएफ) नोएडा की टीम ने कविनगर में छापा मारकर अवैध दूतावास का पर्दाफाश किया है। टीम ने मकान संख्या केबी-35 में रहने वाले हर्षवर्धन जैन (47) को गिरफ्तार कर कविनगर पुलिस को सौंप दिया है।
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आरोपी हर्षवर्धन जैन
- फोटो : अमर उजाला
ये सामान हुआ बरामद
टीम ने मौके से फर्जी राजनयिक नंबर प्लेट लगी चार गाड़ियां, 18 राजनयिक नंबर प्लेट, 12 पासपोर्ट, विदेश मंत्रालय की फर्जी मोहरें, दो पैन कार्ड, अलग-अलग 34 देशों की कंपनियों की मोहरें, दो प्रेस कार्ड और 44.70 लाख रुपये व विदेशी मुद्रा बरामद की हैं।
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आरोपी हर्षवर्धन जैन
- फोटो : अमर उजाला
खुद को बताता था कई देशों का काउंसिल एंबेस्डर
एसटीएफ नोएडा के निरीक्षक सचिन कुमार के नेतृत्व में मंगलवार की देर रात कविनगर स्थित केबी-35 मकान पर छापा मारा। एसटीएफ का आरोप है कि गिरफ्तार कि गए हर्षवर्धन जैन कई देशों का काउंसिल एंबेस्डर बताता है। इसके तार खुद को देश घोषित करने वाले वेस्ट आर्कटिका, सबोरगा, पॉल्विया और लोडोनिया से जुड़े हैं।
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आरोपी हर्षवर्धन जैन
- फोटो : अमर उजाला
वह चार लग्जरी गाड़ियों पर राजनयिक नंबर प्लेट लगाकर चलता था। केंद्रीय एजेंसी से मिली जानकारी के मुताबिक, कविनगर में संचालित दूतावास का कोई पंजीकरण नहीं मिला। विदेशी कंपनियों में नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी करने की भी शिकायतें की हैं।
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आरोपी हर्षवर्धन जैन
- फोटो : संवाद
वह प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति व अन्य प्रसिद्ध लोगों के साथ फोटोशॉप से एडिट की गई तस्वीरें दिखा लोगों को झांसे में लेता था। हर्षवर्धन का मुख्य काम कंपनियों और लोगों को विदेश में काम दिलाने के नाम पर दलाली करना था। वह शेल कंपनियों के माध्यम से हवाला रैकेट भी चला रहा था। जांच पड़ताल में हर्षवर्धन के संपर्क चंद्रास्वामी और अदनान खगोशी से उजागर हुए हैं।
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आरोपी हर्षवर्धन जैन
- फोटो : संवाद
छापे के दौरान अवैध दूतावास से दौलतपुरा भाटिया मोड़ नगर कोतवाली निवासी ईश्वर सिंह जो हर्षवर्धन का रिश्तेदार हैं और घरेलू सहायक हेमंत कुमार राजवंशी मिले। हालांकि इस गोरखधंधे में इन दोनों के लिप्त होने के सुबूत नहीं मिले हैं। टीम ने दोनों को सरकारी गवाह बनाया है।
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फर्जी दूतावास
- फोटो : संवाद
एसटीएफ निरीक्षक सचिन कुमार ने हर्षवर्धन के खिलाफ कविनगर थाने में बीएनएस के अंतर्गत धोखाधड़ी की धारा 318(4), जालसाजी करने की धारा 336(3), धोखाधड़ी के लिए जाली दस्तावेज तैयार करने की धारा 338 और जाली दस्तावेजों का गलत प्रयोग करने की धारा 340(2) में मुकदमा पंजीकृत कराया है।
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गाजियाबाद में फर्जी दूतावास
- फोटो : संवाद
उद्योगपति का बेटा है हर्षवर्धन, लंदन से की एमबीए
एसटीएफ टीम के मुताबिक, हर्षवर्धन ने गाजियाबाद से बीबीए और लंदन से एमबीए किया। इसके पिता जेडी जैन प्रतिष्ठित उद्योगपति रहे हैं। गाजियाबाद में इनकी जैन रोलिंग मिल और राजस्थान के बांसवाड़ा और काकरोली में इंदिरा मार्बल्स व जेडी मार्बल्स नाम से माइन्स थीं। जहां आरोपी हर्षवर्धन ने भी काम किया था। माइंस से मार्बल लंदन भी भेजा जाता था। हर्षवर्धन लंदन में मार्बल एक्सपोर्ट का काम देखता था।
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गाजियाबाद में फर्जी दूतावास
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वर्ष 2011 में अफ्रीका से लाया था सैटेलाइट फोन
एसटीएफ के मुताबिक वर्ष 2011 में हर्षवर्धन साउथ अफ्रीका में कारोबार करता था। इस दौरान अवैध तरीके से वह साउथ अफ्रीका से विदेश या एयरपोर्ट सुरक्षा अधिकारियों को जानकारी दिए बगैर गाजियाबाद में सेटेलाइट फोन ले आया। कुछ दिन उसने सेटेलाइट फोन को ऑन किया तो केंद्रीय एजेंसी ने लोकेशन ट्रेस कर ली। एसटीएफ हर्षवर्धन को गिरफ्तार कर पूछताछ के लिए दिल्ली ले गई। जांच पड़ताल में किसी प्रकार की देशविरोधी गतिविधियां न मिलने पर उसे छोड़ दिया गया। हालांकि एसटीएफ ने कविनगर थाने में हर्षवर्धन जैन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
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गाजियाबाद में फर्जी दूतावास
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किराये पर थी एक हजार मीटर की कोठी
कविनगर जैसी पॉश कालोनी में किराये की कोठी सुनील अनूप सिंह की है। एक हजार मीटर वाली कोठी में आलीशान एक दर्जन से अधिक कमरे हैं। इनमें से दो कमरों में हर्षवर्धन ने फर्जी दूतावास खोल रखा था। अन्य कमरों में उसकी पत्नी आठ वर्षीय बेटे के साथ रहती थी। फर्जी दूतावास में प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और प्रसिद्ध लोगों के साथ की फोटो लगा रखा है।
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फर्जी दूतावास मामला
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खुफिया विभाग की टीम ने की दो घंटे पूछताछ
एसटीएफ के साथ-साथ खुफिया विभाग की पांच सदस्यीय टीम ने कविनगर थाने में हर्षवर्धन से बुधवार की सुबह 10 बजे से 12 बजे तक पूछताछ की। इस दौरान उसने बताया कि वेस्ट आर्कटिका, सबोरगा देशों के कई नामचीन लोगों से उसकी दोस्ती है। हर्षवर्धन ने टीम को बताया कि उसकी गलती है कि घर के बाहर और कारों पर उसने विदेशी ध्वज लगाए थे। इन्हीं ध्वजों से वह शक के दायरे में आया है।
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फर्जी दूतावास मामला
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चांदनी चौक के कारोबार की होगी जांच
पूछताछ में हर्षवर्धन ने बताया कि उसकी पत्नी डिंपल जैन चांदनी चौक पर कारोबार करती हैं। बरामद 44.70 लाख रुपये उनकी कमाई के हैं। साथ ही घर के बंटवारे में उनके भाई से उनकी डील हुई थी। बरामद धनराशि में से 30 लाख रुपये भी इसी डील के हैं। विदेशों में आना-जाना लगा रहता था तो वहां खर्च के लिए मुद्रा परिवर्तन करानी पड़ती थी। बरामद विदेशी मुद्रा भी उन्हीं का हिस्सा है। एसीपी कविनगर के मुताबिक एसटीएफ उसकी पत्नी के कारोबार की भी जांच करेगी। हर्षवर्धन से बरामद करीब एक दर्जन बैंक अकांउट्स का ब्यौरा भी एसटीएफ साथ ले गई है।
एसटीएफ ने कविनगर में अवैध दूतावास से एक युवक को गिरफ्तार किया गया है, एसटीएफ निरीक्षक की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पूछताछ अभी भी जारी है।-भास्कर वर्मा, एसीपी कविनगर।