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दिल्ली से 33KM दूर फर्जी एंबेसी: दो कमरों में चलता काम, चार गाड़ियों में से तीन एक्सपायर; पढ़ें पूरा खुलासा

Wed, 23 Jul 2025 10:52 PM IST
अनुज कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, गाजियाबाद

सार

गाजियाबाद के फर्जी दूतावास मामले में एसीपी कविनगर भास्कर वर्मा ने बताया कि चारों गाड़ियों में से तीन एक्सपायर हैं। नटवरलाल कारों और विदेशी घड़ियों का शौकीन है। वहीं पत्नी के कारोबार की भी जांच होगी।
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आरोपी हर्षवर्धन जैन - फोटो : संवाद
खुद को चार देशों का राजनयिक सलाहकार और दो देशों का राजदूत होने का दावा करने वाले हर्षवर्धन जैन के फर्जी दूतावास से एसटीएफ ने चार लग्जरी गाड़ियां बरामद की हैं। पुलिस ने चारों गाड़ियों की जांच पड़ताल की तो बरामद कारों में मर्सिडीज 19 वर्ष पुरानी तो दो हुंडई सोनाटा कार 16 और 17 साल पुरानी हैं। इनकी फिटनेस भी खत्म हो चुकी है। जबकि हुंडई गेट्ज पांच वर्ष पुरानी है। पुलिस और लोगों पर रसूखदार होने का दावा करने वाला नटवरलाल हर्षवर्धन विदेशी घड़ियों का भी शौकीन है। एसटीएफ ने दो स्वदेशी सहित 12 विदेशी घड़ियां भी बरामद की हैं।
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आरोपी हर्षवर्धन जैन - फोटो : संवाद
एसीपी कविनगर भास्कर वर्मा ने बताया कि चारों गाड़ियों में से तीन एक्सपायर हैं। वास्तविक नंबर प्लेट न होने से पुलिस चेकिंग में पकड़ में नहीं आईं। चारों लग्जरी गाड़ियों पर लगे विदेशी झंडे और विदेशी काउंसिल की नंबर प्लेट से पुलिस भी धोखा खा गई। हर्षवर्धन जैन ने पूछताछ में बताया कि मर्सिडीज उनके ससुर के नाम पर है और उन्होंने ही उपहार में दी थी। जबकि एक हुंडई सोनाटा उनकी पत्नी डिंपल जैन के नाम पर है और दूसरी उनके साले के नाम पर है। हुंडई गेट्ज कार का वह स्वयं मालिक है।
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फर्जी दूतावास - फोटो : संवाद
हवाला के काम में होता था कारों का प्रयोग
एसटीएफ की टीम ने आशंका जताई है कि लग्जरी गाड़ियों का इस्तेमाल लोगों को झांसे में लेने और हवाला के काम में प्रयोग होता था। इसकी जांच एसटीएफ करेगी। बताया कि लंदन और दुबई में हर्षवर्धन ने करीब 18 कंपनियां स्थानीय लोगों के साथ मिलकर बनाईं। इन सभी कंपनियों के जरिए हर्षवर्धन हवाला के धंधे में लिप्त था। एसटीएफ ने हर्षवर्धन से उसके और रिश्तेदारों के बैंक की बाबत भी जानकारी जुटाई है।

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गाजियाबाद में फर्जी दूतावास - फोटो : संवाद
दुनिया के नक्शे में नहीं दो देशों का नाम
कविनगर पुलिस के अनुसार हर्षवर्धन ने चार देशों का राजनयिक सलाहकार होने का दावा किया है। इनमें से वेस्ट आर्कटिका और सबोरगा ही घोषित हुए देश हैं। जबकि पॉल्विया और लॉडोनिया देश दुनिया के नक्शे में ही नहीं हैं। हालांकि हर्षवर्धन का दावा है कि वह भी स्थानीय लोगों द्वारा घोषित हुए देश हैं। जांच पड़ताल करने में ऐसे स्वयं-भू देशों के बारे में जानकारी नहीं मिली है।
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गाजियाबाद में फर्जी दूतावास - फोटो : संवाद
किराये पर थी एक हजार मीटर की कोठी
कविनगर जैसी पॉश कालोनी में किराये की कोठी सुनील अनूप सिंह की है। एक हजार मीटर वाली कोठी में आलीशान एक दर्जन से अधिक कमरे हैं। इनमें से दो कमरों में हर्षवर्धन ने फर्जी दूतावास खोल रखा था। अन्य कमरों में उसकी पत्नी आठ वर्षीय बेटे के साथ रहती थी। फर्जी दूतावास में प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और प्रसिद्ध लोगों के साथ की फोटो लगा रखा है।
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गाजियाबाद में फर्जी दूतावास - फोटो : संवाद
खुफिया विभाग की टीम ने की दो घंटे पूछताछ
एसटीएफ के साथ-साथ खुफिया विभाग की पांच सदस्यीय टीम ने कविनगर थाने में हर्षवर्धन से बुधवार की सुबह 10 बजे से 12 बजे तक पूछताछ की। इस दौरान उसने बताया कि वेस्ट आर्कटिका, सबोरगा देशों के कई नामचीन लोगों से उसकी दोस्ती है। हर्षवर्धन ने टीम को बताया कि उसकी गलती है कि घर के बाहर और कारों पर उसने विदेशी ध्वज लगाए थे। इन्हीं ध्वजों से वह शक के दायरे में आया है।

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चांदनी चौक के कारोबार की होगी जांच
पूछताछ में हर्षवर्धन ने बताया कि उसकी पत्नी डिंपल जैन चांदनी चौक पर कारोबार करती हैं। बरामद 44.70 लाख रुपये उनकी कमाई के हैं। साथ ही घर के बंटवारे में उनके भाई से उनकी डील हुई थी। बरामद धनराशि में से 30 लाख रुपये भी इसी डील के हैं। विदेशों में आना-जाना लगा रहता था तो वहां खर्च के लिए मुद्रा परिवर्तन करानी पड़ती थी। बरामद विदेशी मुद्रा भी उन्हीं का हिस्सा है। एसीपी कविनगर के मुताबिक एसटीएफ उसकी पत्नी के कारोबार की भी जांच करेगी। हर्षवर्धन से बरामद करीब एक दर्जन बैंक अकांउट्स का ब्यौरा भी एसटीएफ साथ ले गई है।
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