मां बनना किसी भी महिला के लिए सौभाग्य की बात माना जाता है। लेकिन, शबनूर ने इस सौभाग्य को भी ठुकरा दिया और बहन के चारों बच्चों को मां जैसी परवरिश देने का फैसला लिया। वहीं मां जैसा प्यार और देखरेख। बच्चों में उसकी जान बसती थी। लेकिन शॉर्ट सर्किट से लगी आग में दम घुटने से तीन बेटियों की मौत ने उसे बुरी तरह तोड़ दिया।
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विलाप करते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
सुपुर्दे खाक के लिए शव जैसे ही एंबुलेंस में रखकर चले तो शबनूर के कलेजे से रुदन फूट पड़ा। उसके मुंह से निकला ‘मेरा तो बाग उजड़ गया, मेरे खिलौने चले गए’। यह कहकर शबनूर कुछ देर के लिए शांत हो गई। पांच भाइयों में दूसरे नंबर के आसिफ की पहली पत्नी का देहांत हो चुका है। बच्चों की परवरिश के लिए परिजनों ने करीब चार साल पहले साली शबनूर से आसिफ का दूसरा निकाह करा दिया।
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विलाप करते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
अब शबनूर पर बहन के चार बच्चों फातिमा (8), साइमा (6), रुकैय्या (4) व असद (3) की देखरेख की जिम्मेदारी थी। बहन के बच्चों को मां के प्यार की कमी महसूस न हो, इसके लिए उसने खुद की कोख सूनी रखने का फैसला लिया। वह बच्चों की नियमित पढ़ाई, रोज-मर्रा की जरूरतों का बिल्कुल मां की तरह ख्याल रखती थी।
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विलाप करते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
तीनों बेटियां जिद करके दूसरे कमरे में सोने चली गईं
शबनूर तीनों बेटियों व इकलौते बेटे को साथ लेकर ही सोती थी, लेकिन रविवार को राशिद के दो बेटे अकेले रह गए थे तो तीन बेटियां भी उसी कमरे में सोने चली गईं। देर रात किसी वक्त शॉर्ट सर्किट से आग लगने से हुए हादसे में तीनों बेटियों के अलावा राशिद के दोनों बेटे व बच्चों की ताई की मौत हो गई।
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Ghaziabad fire
- फोटो : अमर उजाला
बच्चों के साथ था दोस्ताना व्यवहार
शबनूर बहन के बच्चों के अलावा अन्य भाइयों के बच्चों को भी बहुत लाड करती थी। वह एक मां के साथ-साथ बच्चों से दोस्ताना व्यवहार भी रखती थी। बच्चों को महसूस ही नहीं होता था कि उनकी मां नहीं है। बच्चों को शबनूर में मां का चेहरा देखने को मिलता था। घर से शव उठने के दौरान शबनूर बार-बार बेहोश होकर गिर रही थी।
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मौके पर जमा भीड़
- फोटो : अमर उजाला
शबनूर की हालत देख हर कोई रोया
तीन बेटियों व दो भतीजों के अलावा जेठानी परवीन की मौत के बाद शबनूर की हालत देख हर किसी को रोना आ रहा था। हादसे के बाद पीड़ित परिवार की महिलाओं की चीकारें गांव में पसरे सन्नाटे को चीर रही थीं। मासूम बच्चों व उनकी ताई की हालत देख वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं।
गाजियाबाद में एलईडी में शॉर्ट सर्किट से लगी आग में दम घुटने से कमरे में सो रहे पांच बच्चों व एक महिला की मौत हो गई। ये दर्दनाक हादसा लोनी बॉर्डर थानाक्षेत्र के बेहटा हाजीपुर की उत्तरांचल विहार सोसायटी में हुआ। सोमवार सुबह घटना का पता लगने पर परिवार में कोहराम मच गया।