लारेंस बिश्नोई-जग्गू भगवानपुरिया गिरोह का गैंगस्टर फिल्म अभिनेता सलमान की हत्या करने फरवरी माह में मुंबई गया था। उसके साथ महाराष्ट्र के दो बदमाश और थे। वह फिल्म अभिनेता के घर भी गया था। उसके साथ हथियार भी थे। उसे रेकी भी करनी थी और मौका लगते ही सलमान की हत्या करनी थी। मगर उसने सलमान खान के बारे में किसी तरह की मुखबिरी नहीं थी। वह तीन से चार दिन मुंबई में रहा था। दूसरी तरफ आईएसआई-आतंकी संगठन बीकेआई व लारेंस बिश्नोई गिरोह किशोर व दीपक सुरखपुरिया को हर महीने 50 हजार से एक लाख रुपये दे रहे थे। इनको पंजाब पुलिस के मोहाली में इंटेलिजेंस मुख्यालय पर आरपीजी हमले के लिए दस लाख दिए गए थे। स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आईकेआई आतंकी व पाकिस्तान में बैठे हरविंदर सिंह रिंदा ने नांदेड़, महाराष्ट्र के बिल्डर संजय बियाणी से पांच करोड़ की रंगदारी मांगी थी।
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सलमान खान
- फोटो : सोशल मीडिया
रंगदारी नहीं देने पर दीपक व किशोर को बिल्डर की हत्या करने के लिए बोला था। ये दोनों फरवरी 2022 में नांदेड़ चले गए थे। इस दौरान इन्हें बिल्डर की मुखबिरी नहीं मिल रही था। ऐसे में दीपक किशोर को नांदेड़ छोड़कर दो बदमाशों के साथ मुंबई चला गया।
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सलमान खान
- फोटो : सोशल मीडिया
अगर किशोर की जरूरत पड़ती तो उसे भी मुंबई बुला लिया जाता। सलमान खान की हत्या के लिए दीपक को हथियार पंजाब में दिए गए थे। उसे कई पिस्टल दी गई थीं। अधिकारी ने बताया कि सलमान की हत्या करने के लिए लारेंस बिश्रोई ने तिहाड़ जेल से दीपक को अगस्त-सितंबर महीने में बोला था।
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लॉरेंस बिश्नोई
- फोटो : अमर उजाला
लारेंस ने मोहाली में रॉकेट लॉचर हमले के बाद ही दीपक को सलमान खान की हत्या करने के लिए कहा था। दीपक और किशोर अन्य ने ही मोहाली में आरपीजी हमले को अंजाम दिया था।
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फाइल फोटो
दो दोनों ही मोटरसाइकिल से मोहाली में इंटेलिजेंस मुख्यालय क पास खाली प्लॉट में गए थे। किशोर और दीपक ने आरजीपी से ग्रेनेड हमला किया था। इसके बाद ये वहां से पंजाब होते हुए फैजाबाद स्थित किशोर के घर गए थे। यहां ये काफी दिन तक छिपे रहे।
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हरविंदर सिंह रिंदा-बब्बर खालसा
- फोटो : Agency (File Photo)
दोनों को मिलते थे 50 हजार से एक लाख रुपये
आईएसआई-बीकेआई व गैंगस्टर गठजोड़ किशोर व दीपक सुरखपुरिया को हर महीने पैसे दे रहे थे। ये इनसे काम करवाते और पैसे देते थे। मोहाली आरपीजी हमले के बाद दोनों को हर महीने पैसे देना शुरू कर दिया था।
तस्कर चढ़त ने आरपीजी लाकर दिया था
दिल्ली पुलिस अधिकारियों के अनुसार पुलिस मुख्यालय में पर हमले के लिए किशोर व दीपक को आरपीजी मादक पदार्थ तस्कर चढ़त ने दिया था। पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए आरपीजी भारत आया था। बॉर्डर से आरपीजी को उठाकर चढ़त लेकर आया था। उसे ये करने के लिए लांडा हरिके ने बोला था। मोहाली आरपीजी हमले के लिए दीपक व किशोर को हरविंदर सिंह रिंदा ने बोला था।