दिल्ली के शालीमार बाग इलाके में शनिवार शाम चार मंजिला इमारत में आग लगने के बाद धुआं निकलता देख सामने के मकान में रहने वाले कुणाल ने अपनी जान की परवाह किए बिना मकान में रह रहे दो लोगों को सही-सलामत बाहर निकला। जब वह उन्हें निकालकर बाहर आ रहा था तो इसी दौरान पुलिस भी पहुंच गई लेकिन तब तक आग की लपटें तेज हो गईं।
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शालीमार बाग अग्निकांड
- फोटो : अमर उजाला
उसकी वजह से किसी ने दोबारा ऊपर जाने की हिम्मत नहीं दिखाई। नीचे मौजूद लोग ऊपर फंसे लोगों को छलांग लगाने के लिए कह रहे थे। उनका कहना था कि धुएं के गुबार से उन्हें सांस लेने में दिक्कत आ रही थी लेकिन अगर वह छलांग लगाते तो बच भी सकते थे। कुणाल ने बताया कि सामने वाले घर की पहली मंजिल से धुआं निकल रहा था।
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शालीमार बाग अग्निकांड
- फोटो : अमर उजाला
वह बिना कुछ सोचे-समझे अपने घर से बाहर निकला और उस मकान में चला गया। उसने तुरंत दो लोगों को बाहर निकला। उसने बताया कि इमारत की पहली मंजिल पर आग लगी थी और धीरे-धीरे आग की लपटें तेज हो रही थीं। बाद में धुएं के गुबार ने ऊपर की मंजिलों और सीढ़ियों को अपने आगोश में ले लिया।
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शालीमार बाग अग्निकांड
- फोटो : अमर उजाला
जब वह ऊपर गया था तो धुआं ज्यादा नहीं था लेकिन उसके नीचे उतरने तक उसे लगा कि उसका भी दम घुट रहा है। फिर से वह साहस नहीं कर पाया कि वह दोबारा ऊपर जाकर लोगों को बचा सके। आस-पास के लोग कुणाल की तारीफ कर रहे थे कि उसने लोगों की जान बचाई।
आपको बता दें कि दिल्ली के शालीमार बाग इलाके में शनिवार को चार मंजिला इमारत में भीषण आग लग गई। इमारत में मौजूद सात लोग आग की लपटों में फंस गए। मौके पर पहुंची पुलिस व दमकल कर्मियों ने किसी तरह आग पर काबू पाया। इसके बाद दूसरी मंजिल से 75 वर्षीय कांता देवी को निकाला गया। तीसरी मंजिल से किरण (60), सोमवती (57), लाजवंती (68), अक्षित (15) और वंशिका (14) और ऐना (27) को निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां किरण, सोमवती और कांता देवी को मृत घोषित कर दिया गया। वहीं दो नाबालिगों व दो महिलाओं की हालत नाजुक बनी हुई है।