सैम मानेकशॉ
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जब वह विदा लेने लगे तो सीलू ने कहा, "मेरा कमरा कहां है?" रूसी अफसर परेशान हो गए। सैम ने स्थिति संभाली, असल में मैं खर्राटे लेता हूँ और मेरी बीवी को नींद न आने की बीमारी है। इसलिए हम लोग अलग-अलग कमरों में सोते हैं। यहां भी सैम की मजाक करने की आदत नहीं गई। रूसी जनरल के कंधे पर हाथ रखते हुए उनके कान में फुसफुसा कर बोले, "आज तक जितनी भी औरतों को वह जानते हैं, किसी ने उनके खर्राटा लेने की शिकायत नहीं की है सिवाए इनके।" 1971 की लड़ाई में इंदिरा गांधी चाहती थीं कि वह मार्च में ही पाकिस्तान पर चढ़ाई कर दें लेकिन सैम ने ऐसा करने से इनकार कर दिया क्योंकि भारतीय सेना हमले के लिए तैयार नहीं थी। इंदिरा गांधी इससे नाराज भी हुईं। मानेकशॉ ने पूछा कि आप युद्ध जीतना चाहती हैं या नहीं। उन्होंने कहा, "हां।" इस पर मानेकशॉ ने कहा, मुझे छह महीने का समय दीजिए। मैं गारंटी देता हूं कि जीत आपकी होगी। इंदिरा गांधी के साथ उनकी बेतकल्लुफी के कई किस्से मशहूर हैं। मेजर जनरल वीके सिंह कहते हैं, "एक बार इंदिरा गांधी जब विदेश यात्रा से लौटीं तो मानेकशॉ उन्हें रिसीव करने पालम हवाई अड्डे गए। इंदिरा गांधी को देखते ही उन्होंने कहा कि आपका हेयर स्टाइल जबरदस्त लग रहा है। इस पर इंदिरा गांधी मुस्कराईं और बोलीं, और किसी ने तो इसे नोटिस ही नहीं किया।"उधार अपना देश दे कर चुकाया।"