घर के अंदर पड़ा बेड
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कई घंटों तक खुला पड़ा रहा मकान
बच्चे के शव को बरामद करने के बाद थाना पुलिस ने आरोपी के घर को लॉक करना तक जरूरी नहीं समझा और न ही मौके पर कोई पुलिसकर्मी तैनात किया गया, जो लोगों को घटनास्थल पर जाने से रोक सके। ऐसे में सबूतों से छेड़छाड़ का खतरा बना रहा। मृतक की गली में करीब दो सौ से ज्यादा लोग एकत्रित थे। जरा सा उकसाने पर लोग आरोपी के घर में आग तक लगा सकते थे। इस स्थिति से निपटने के लिए पुलिस की टीम के नाम पर कोई भी मौजूद नहीं दिखा। सूत्रों के मुताबिक, एक सुरक्षाकर्मी ने इस मामले को लेकर एनआईटी पांच थाना प्रभारी को फोन पर मकान को ताला लगाने की सलाह दी, इसके बाद मकान को बंद किया गया। फॉरेंसिक टीम के सैंपल लेने के पहले कई घंटों तक मकान खुला पड़ा रहा।