पुलिस पर हमला, रात-दिन गाड़ी चलाना और जेल जाने का भी डर नहीं। दरअसल खनन माफिया के इस दुस्साहस के पीछे मोटे मुनाफे का खेल जुड़ा है। पत्थर खनन में सारा खेल चोरी का है। मोटे मुनाफे के लिए अवैध खनन का पत्थर ढोने वाले डंपर चालक जान का रिस्क लेने से भी पीछे नहीं हटते। एक ट्रक चालक ने बताया कि हर चौकी-नाके पर दिए जाने वाले घूस का खर्चा ही पेट्रोल से ज्यादा बैठता है। इसमें ट्रैफिक पुलिस, थाना, चौकी के अलावा माइनिंग, आरटीए और वन सहित सभी विभाग शामिल हैं। कई बार सख्त अधिकारी आ जाने से काम पर फर्क पड़ता है। उस दौरान हमले आदि भी हो जाते हैं। गाड़ी मालिक साफ कहता है मौके से भाग जाना बाकी हम पर छोड़ देना।