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आतंकी अब्दुल के पास मिला ये सब : 2920 रुपये... पांच फोटो और एक ऐसी माला जो रखता हमेशा पास; टिकट भी रखे हुए था

Wed, 05 Mar 2025 05:32 AM IST
आकाश दुबे अमर उजाला नेटवर्क, फरीदाबाद

सार

आरोपी अपने दोनों मोबाइल से ही सोशल मीडिया फेसबुक व इंस्टाग्राम अकाउंट चलाता था। जिनके जरिये वो अपने आतंकी साथियों व आकाओं के संपर्क में रहता था। शुरू से ही अब्दुल को सोशल मीडिया पर धर्म से जुड़ी रील्स देखने व लाइक कमेंट करने का शौक था।
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आतंकी अब्दुल रहमान - फोटो : अमर उजाला
हरियाणा के फरीदाबाद के बास रोड पाली से आतंकी अब्दुल रहमान (19) की गिरफ्तार के बाद नए-नए खुलासे हो रहे हैं। अब्दुल के पास से मिले दो मोबाइल से पूरे आतंकी मॉड्यूल की कड़ियां खुलेंगी। मोबाइल के अलावा उसके पास से आरोपी की तलाशी के दौरान इसके पास से मोबाइल के अलावा पर्स में आधार कार्ड, पेन कार्ड, 5 पासपोर्ट साइज फोटो, 2920 रुपये मिले। जांच में जुटी एटीएस गुजरात और एसटीएफ पलवल की टीम ने गिरफ्तारी के दौरान आरोपी के पास से रियलमी और वनप्लस कंपनी के ये दो मोबाइल बरामद किए हैं। जांच टीम अब इन मोबाइल की कॉल डिटेल व सीडीआर चेक कर रही है। इसके साथ ही इन दोनों ही मोबाइल में जांच एजेंसी को कई संदिग्ध वीडियो भी मिले हैं। जो धर्म विशेष को टारगेट करते हुए भावनाएं भड़काने वाले वीडियो बताए जा रहे हैं। वहीं राम मंदिर से जुड़े भी वीडियो मिले हैं।
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अब्दुल रहमान की मां यास्मीन और पिता अबु बकर - फोटो : संवाद
जांच टीम के आधिकारिक सूत्र ने बताया कि आरोपी अपने इन दोनों मोबाइल से ही सोशल मीडिया फेसबुक व इंस्टाग्राम अकाउंट चलाता था। जिनके जरिये वो अपने आतंकी साथियों व आकाओं के संपर्क में रहता था। शुरू से ही अब्दुल को सोशल मीडिया पर धर्म से जुड़ी रील्स देखने व लाइक कमेंट करने का शौक था। वहीं से आतंकी मॉडयूल ने इसे टारगेट कर संपर्क किया।
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आतंकी अब्दुल रहमान - फोटो : अमर उजाला
आरोपी के पास से मिली एक ऐसी माला
आरोपी की तलाशी के दौरान इसके पास से मोबाइल के अलावा पर्स में आधार कार्ड, पेन कार्ड, 5 पासपोर्ट साइज फोटो, 2920 रुपये मिले। इसके साथ ही ईयरबड व एक माला भी आरोपी से मिली। माला को लेकर आरोपी ने खुलासा किया कि ये अपने धर्म को काफी मानता है और इबादत में माला का प्रयोग करता है। इसी के चलते ये हर समय माला को अपने साथ रखता है। आरोपी से ट्रेन की एक टिकट भी मिली है। जो 1 मार्च 2025 को अयोध्या कैंट स्टेशन से दिल्ली जंक्शन की है। जिससे जांच एजेंसी ये मान रही है कि 1 मार्च को ही ये ट्रेन से दिल्ली आया। वहां से लोकेशन मिलने पर फरीदाबाद के पाली एरिया में हैंड ग्रेनेड व अन्य सामान लेने आया। लेकिन यहां से निकलने से पहले ही टीम ने उसे काबू कर लिया।

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अब्दुल रहमान के घर के बाहर लोगों की भीड़। - फोटो : संवाद
हैंड ग्रेनेड पहुंचाने वाले का पता लगाने का प्रयास कर रही एसटीएफ
आतंकी को 10 दिन के रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही एसटीएफ पलवल की टीम उससे लगातार आतंकी संगठन से जुड़े अन्य लोगों के बारे में पता लगा रही है। खास तौर पर जांच एजेंसी यहां हैंड ग्रेनेड पहुंचाने वाले का पता लगाने के प्रयास कर रही है। लेकिन आतंकी का कहना है कि उसने हैंड ग्रेनेड पहुंचाने वाले से कोई संपर्क नहीं किया है। उसे तो सिर्फ ये बताया गया कि सामान उस लोकेशन पर पहुंचा दिया गया है, तुम वहां जाकर ले लो।
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अब्दुल रहमान का घर - फोटो : संवाद
1 मार्च को आकाओं का हुक्म आने पर अयोध्या से निकला था 
वहीं एटीएस गुजरात व आईबी की टीम रविवार और सोमवार को कई घंटे तक आतंकी से पूछताछ कर चुकी है। जिसमें आतंकी ने खुलासा किया कि वो लगभग 1 साल से आतंकियों के संपर्क में था। इसने बताया कि ये दिल्ली मरकज में जाने के बाद जमात के संपर्क में आया। जिसके बाद ये विशाखापटनम समेत देश के कई हिस्सों में गया था। 1 मार्च को हुक्म आने पर अयोध्या से निकला। घर पर बताया कि दोस्त के पास काम से जा रहा हूं। चार अप्रैल को इसे वापस पहुंचना था। 

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अब्दुल रहमान की मां और घर के लोग - फोटो : संवाद

आईएसआईएस-खुरासान ने ऐसे किया आतंकी रहमान का ब्रेनवॉश

आतंकी संगठन आईएसआईएस ने अब्दुल रहमान को अयोध्या राम मंदिर पर हमला करने के लिए तैयार किया था। आधिकारिक सूत्र ने बताया कि आतंकी संगठन आईएसआईएस की क्षेत्रीय शाखा इस्लामिक स्टेट -खुरासान प्रांत ने इस हमले की साजिश रची। 
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गुजरात एसटीएफ ने आरोपी अब्दुल रहमान को अदालत में पेश किया था - फोटो : संवाद
ब्रेनवॉश कर अब्दुल रहमान व अन्य को अयोध्या में मस्जिद की जगह बन रहे मंदिर को लेकर धार्मिक भावनाएं भड़काते हुए मंदिर पर हमले के लिए तैयार किया। आईएसआईएस की ये शाखा पाकिस्तान और अफगानिस्तान में सक्रिय है।

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अब्दुल रहमान का घर - फोटो : संवाद
अब्दुल बीते कई महीने से इस आतंकी संगठन के संपर्क में था। सोशल मीडिया के जरिये इससे संपर्क किया गया था। जिसके बाद इसे एक ग्रुप में शामिल किया गया। ग्रुप में धर्म विशेष को लेकर आहत करने वाले वीडियो डाले जाते थे। 
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अब्दुल रहमान को गुजरात एसटीएफ और हरियाणा संयुक्त टीम के हिरासत में लेने की खबर पर देखने आए ग्रामीण - फोटो : संवाद
ग्रुप के लोगों को अलग-अलग व्यक्तियों के कुछ रिकॉर्ड किए गए वीडियो संदेश भी भेजे जाते थे। इन संदेश में अब्दुल और इसके जैसे अन्य युवाओं को कहा जाता था कि तुम्हारे ऊपर अयोध्या में जुल्म हुआ है और अब तुम्हे इसका बदला लेना है। इसी तरह इन्हें हमले के लिए तैयार किया गया। 
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