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20 साल से आईएएस के प्यार में पागल CISF कमांडेंट ने रची ऐसी साजिश, पहुंच गया सलाखों के पीछे

Fri, 11 Oct 2019 11:08 AM IST
पूजा त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सीआईएसएफ कमांडेंट साथी के साथ गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला
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सीआईएसएफ के कमांडेंट ने राजस्थान कैडर की महिला आईएएस के पति को फंसाने के लिए उनकी कार में चरस रखकर पुलिस को सूचना दे दी। मगर आरोपी की चालाकी ज्यादा दिन नहीं चली। आगे पढ़िए आखिर क्यों सीआईएसएफ कमांडेंट ने ये साजिश रची और 20 साल पुराना प्यार कब बदला बन गया...

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लोधी कॉलोनी पुलिस ने सीआईएसएफ के कमांडेंट रंजन प्रताप सिंह (44) व उसके वकील साथी नीरज चौहान को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी कमांडेंट ने महिला आईएएस के साथ मसूरी में फाउंडेशन कोर्स किया था। वह महिला आईएएस से बात करता था।

पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के जरिये दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया है। लोधी कॉलोनी पुलिस ने बृहस्पतिवार शाम को दोनों को कोर्ट में पेश कर कमांडेंट को एक दिन के रिमांड पर लिया है। नीरज चौहान को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
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दक्षिण जिला डीसीपी अतुल कुमार ठाकुर ने बताया कि सीआईएसएफ के डीआईजी को बुधवार शाम को सूचना मिली थी कि इलेक्ट्रॉनिक निकेतन, सीजीओ कांप्लेक्स में पार्क आई-20 कार में ड्रग्स रखी है।

सीसीटीवी फुटेज से मिला सुराग

महिला आईएएस के पति की कार, जिसमें रखी गई चरस - फोटो : अमर उजाला
सीआईएसएफ स्टाफ ने वाहन मालिक को बुलाकर कार की तलाशी ली तो उसमें 550 ग्राम चरस मिली। कार राजस्थान कैडर की महिला आईएएस के पति अमित सावन की थी। अमित सावन केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिक मंत्रालय में कंसलटेंट (प्राइवेट) है और इलेक्ट्रॉनिक निकेतन में रहते हैं।

बुधवार शाम करीब छह बजे इसकी सूचना लोधी कॉलोनी पुलिस को दी गई। लोधी कॉलोनी पुलिस ने उस नंबर की जांच की जिससे सीआईएसएफ के डीआईजी के पास चरस रखने का फोन आया था। फोन महरौली निवासी व पकोड़े बेचने वाले व्यक्ति का था।

पुलिस ने उसे पकड़कर पूछताछ की तो पता लगा कि वह जब कटवारिया सराय में था तो एक व्यक्ति ने उसका मोबाइल लेकर फोन किया था। इसके बाद पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक निकेतन की सीसीटीवी फुटेज को खंगाला तो दो व्यक्ति संदिग्ध हालत में घूमते हुए दिखाई दिए।

20 साल पहले ऐसे हुआ था महिला से प्यार

गिरफ्तार आरोपी और कार - फोटो : अमर उजाला
सीसीटीवी फुटेज को खंगालने के बाद पुलिस ने साकेत निवासी कमांडेंट रंजन प्रताप सिंह और उसके वकील साथी नीरज चौहान को गिरफ्तार कर लिया। दोनों ने आईएएस के पति की कार में चरस रखने की बात स्वीकार कर ली।

आरोपी ने बताया वह महिला आईएएस से बदला लेना चाहता था। रंजन प्रताप सिंह महिला आईएएस से 20 साल पहले तब मिला था जब दोनों सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रहे थे। साल 2000 में दोनों ने ही लाल बहादुर शास्त्री नेशनल एकेडमी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन, उत्तराखंड में चार महीने का फाउंडेशन कोर्स भी साथ में किया था।

रंजन प्रताप तब से ही महिला आईएएस को दिल ही दिल में एक तरफा प्यार करता रहा। यही वजह थी कि महिला की किसी और से शादी हो जाने के बाद वह खुश नहीं था। 

हालांकि शादी के बाद भी वह उससे लगातार संपर्क में था। पुलिस सूत्रों का कहना है कि महिला आईएएस कुछ दिनों से आरोपी का फोन नहीं उठा रही थी। इस बात से आरोपी नाराज हो गया था।

यही वजह है कि उसने बदला लेने की सोची और चरस उसके पति के कार में रखने की साजिश रची। आरोपी अपनी एसएक्स4 कार से चरस रखने गए थे। पुलिस ने इस कार को भीष्म पितामह मार्ग से बरामद कर लिया है। 
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अलीगढ़ से खरीदकर लाया था चरस-

गिरफ्तार आरोपी और कार - फोटो : अमर उजाला
आरोपी सीआईएसएफ का कमांडेंट रंजन प्रताप सिंह मूलरूप से आईटीआई कॉलोनी अलीगढ़, यूपी का रहने वाला है। दिल्ली में वह साकेत में रहता है। वह अलीगढ़ से ही दस हजार रुपये में चरस खरीद कर लाया था।

उसने अलीगढ़ में सलमान नाम व्यक्ति से चरस खरीदी थी। लोधी कॉलोनी थाने की एक पुलिस टीम जल्द ही अलीगढ़ सलमान की तलाश में दबिश देने जाएगी। 
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