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प्रदूषण की 'राजधानी': सुधार के बाद भी दिल्ली देश का दूसरा सबसे प्रदूषित शहर, ग्रैप का चौथा चरण हटा

Mon, 07 Nov 2022 02:56 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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दिल्ली में प्रदूषण का कहर जारी - फोटो : अमर उजाला
मौसमी परिस्थितियों की अनुकूल होने की वजह से दिल्ली-एनसीआर की हवाओं में लगातार दूसरे दिन सुधार हुआ है। सुधार होते ही केंद्र सरकार की वायु गुणवत्ता एजेंसी सीएक्यूएम ने ग्रेडेड रेस्पॉन्स एक्शन प्लान (ग्रैप) का चौथा चरण वापस लेने की घोषणा कर दी। इससे दिल्ली-एनसीआर में गैर बीएस-6 हल्के वाहनों व ट्रकों को प्रवेश की अनुमति मिल जाएगी। जरूरी निर्माण कार्य भी कराए जा सकेंगे। दिल्ली का एक्यूआई 42 अंकों की कमी के साथ 339 के साथ बेहद खराब श्रेणी में दर्ज हुआ है। हालांकि, सुधार के बावजूद दिल्ली देश का दूसरा सबसे प्रदूषित शहर रहा है। पहले स्थान पर धारूहेड़ा 345 एक्यूआई के साथ रिकॉर्ड किया गया है। वहीं, एनसीआर में गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा की हवा बहुत खराब से निकलकर खराब श्रेणी में पहुंच गई है। वायु मानक एजेंसियों का पूर्वानुमान है कि अगले तीन दिनों तक हवा की गुणवत्ता बेहद खराब श्रेणी में ही बनी रहेगी।
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दिल्ली में बढ़ा प्रदूषण का स्तर - फोटो : अमर उजाला
विशेषज्ञों के मुताबिक, रविवार को हवाओं की दिशा बदलने की वजह से एक्यूआई में गिरावट दर्ज हुई है। वहीं, दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण नियंत्रण के लिए लगी हुई पाबंदियों की वजह से स्थानीय स्तर पर होने वाला प्रदूषण कम हो रहा है। इसका असर वायु गुणवत्ता पर भी दिख रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि पाबंदियां लंबे समय तक लागू रहेंगी, तो आने वाले दिनों में दिल्ली-एनसीआर के शहरों की हवा बद से बदतर होने से बच जाएंगी।
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पराली - फोटो : ANI
3100 जगहों पर जलाई गई पराली
केंद्र की वायु मानक संस्था सफर इंडिया के मुताबिक, बीते 24 घंटे में 3100 जगहों पर पराली जलने की घटनाएं रिकॉर्ड की गई हैं, जिसकी पीएम 2.5 में 18 फीसदी तक हिस्सेदारी रही। इस सप्ताह यह पहली बार है, जब पराली की हिस्सेदारी कम रही है। इसकी प्रमुख वजह हवा की बदली दिशा है। पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी हवाओं की वजह से पराली का धुआं दिल्ली-एनसीआर तक नहीं पहुंचा। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि हवा की दिशा अनुकूल होती, तो दिल्ली-एनसीआर में स्मॉग की चादर छाए रहने के साथ सांसों पर संकट बढ़ जाता। सफर के मुताबिक, पीएम 2.5 से बड़े कणों की पीएम 10 में 61 फीसदी तक हिस्सेदारी दर्ज की गई है।

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दिल्ली में प्रदूषण का कहर जारी - फोटो : अमर उजाला
अगले तीन दिनों तक कम रहेगी हवा की रफ्तार, हवा की गुणवत्ता नहीं आएगा खास बदलाव
भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान(आईआईटीएम) के मुताबिक, रविवार को हवा की रफ्तार चार से आठ किलोमीटर प्रतिघंटा तक रही। वहीं, मिक्सिंग हाइट 1200 मीटर व वेंटिलेशन इंडेक्स सात हजार वर्ग मीटर प्रति सेकेंड तक दर्ज किया गया। आईआईटीएम का पूर्वानुमान है कि अगले तीन दिनों तक हवा की गुणवत्ता बहुत खराब श्रेणी में ही बनी रहेगी। विभाग के मुताबिक, अगले 24 घंटे में हवा की दिशा दक्षिण-पूर्वी और रफ्तार चार से आठ किलोमीटर प्रतिघंटा तक दर्ज किए जाने का पूर्वानुमान है। वहीं, मिक्सिंग हाइट बढ़कर 1300 मीटर व वेंटिलेशन इंडेक्स घटकर 1300 वर्ग मीटर प्रति सेकेंड तक रह सकता है। इसके अगले दिन हवा की दिशा पूर्वी और रफ्तार चार किलोमीटर प्रतिघंटा तक रह सकती है। वहीं, मिक्सिंग हाइट का स्तर 2800 मीटर व वेंटिलेशन इंडेक्स 7700 वर्ग मीटर प्रति सेकेंड तक दर्ज किए जाने का पूर्वानुमान है।
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पंजाब में जल रही पराली। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
पंजाब में जली सबसे अधिक पराली
उत्तर-पश्चिम भारत में पराली जलने की घटनाएं रिकॉर्ड की जा रही हैैं। भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के मुताबिक, बीते 24 घंटे में पंजाब में सबसे अधिक 599 जगहों पर पराली जलाई गई हैं। हरियाणा में 46, उत्तर प्रदेश में 46, उत्तर प्रदेश में 28, मध्यप्रदेश में 392 और राजस्थान में 27 जगहों पर पराली जलाई गई हैं। अच्छी बात यह है कि दिल्ली में लगातार दूसरे दिन पराली जलाने का मामले शून्य रहे हैं।
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दिल्ली में बढ़ा प्रदूषण का स्तर - फोटो : अमर उजाला
देश के टॉप प्रदूषित शहर
धारूहेड़ा- 345
दिल्ली 339
छपरा 330
बल्लभगढ़ 330

एनसीआर के शहर
फरीदाबाद 311
गाजियाबाद 288
ग्रेटर नोएडा 299
गुरुग्राम 308
नोएडा 330
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