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आठ माह पहले रची थी डॉ. महेश शर्मा को ब्लैकमेल करने की साजिश, चुनाव के कारण मार्च में कराई मुलाकात

Sat, 18 May 2019 12:33 PM IST
पूजा त्रिपाठी सुशांत समदर्शी, अमर उजाला, नोएडा
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महेश शर्मा ब्लैकमेलिंग मामले के आरोपी - फोटो : अमर उजाला
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केंद्रीय मंत्री डॉ. महेश शर्मा को ब्लैकमेल करने की प्लानिंग लगभग आठ महीने से चल रही थी, लेकिन लोकसभा चुनाव में डॉ. महेश शर्मा की व्यस्तता के कारण मार्च को चुना गया। इसके बाद साजिश के तहत 22 मार्च को उषा ठाकुर ने आलोक कुमार को कैलाश अस्पताल में यह कहकर मिलवाया कि यह आपको चुनाव में मदद करेगा।

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इसी दौरान कथित वीडियो बनाया गया और 10 करोड़ रुपये की मांग की गई। 22 मार्च के बाद कई बार बैठकों का दौर चला और मामले को निपटाने का भी प्रयास हुआ। 9 मार्च को जिले में लोकसभा चुनाव के प्रचार का आखिरी दिन था। उस दिन केंद्रीय मंत्री की भारी व्यस्तता के बाद भी आलोक ने पैसे ऐंठने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हो सका।

इसके लिए 9 मार्च को एक सेवानिवृत्त डिप्टी एसपी के घर इस बारे में देर रात तक बैठक हुई थी। इसमें दोनों पक्ष के लोग शामिल थे, लेकिन बात नहीं बनी थी। फिर 21 मार्च को जब नीशू को कैलाश अस्पताल भेजा तो पूरे मामले का खुलासा हो गया।

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उषा ठाकुर को मां कहकर बुलाता था आलोक

mahesh sharma - फोटो : अमर उजाला
आलोक कुमार प्रतिनिधि चैनल चलाता था। इसका कार्यालय सेक्टर-63 में था। नोटबंदी के दौरान चैनल बंद हो गया था। इस चैनल के टीवी शो में आलोक अक्सर उषा ठाकुर को बुलाता था। वह समसामयिक विषयों की डिबेट में शामिल होती थीं। इसी दौरान वह उषा के नजदीक आ गया। आलोक ने घर आना-जाना भी शुरू कर दिया। आलोक, उषा ठाकुर को मां कहकर बुलाता था। इसके बाद इस तरह की योजना बनाई गई। 

26 दिन की जांच के बाद हुई गिरफ्तारी
नोएडा पुलिस ने इस मामले में धीरे-धीरे सभी कड़ियों को जोड़ा। पहले नीशू और बाद में आलोक व निशा की गिरफ्तारी के बाद जब पूछताछ हुई तो आलोक ने पूरी बात पुलिस को बता दी। इसके बाद करीब 26 दिनों के बाद उषा को गिरफ्तार किया गया।
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कई विधायकों से आलोक लेता था पैसे

महेश शर्मा - फोटो : अमर उजाला
स्टिंग ऑपरेशन नहीं दिखाने व बचने के गुर सिखाने के नाम पर आलोक कई विधायकों से पैसे लेता था। उसकी मंथली बंधी थी। पुलिस अब उन विधायकों के बारे में जानकारी इकट्ठा कर रही है। इनमें यूपी, हरियाणा व दिल्ली से लेकर बिहार के विधायक व मंत्री शामिल हैं।

उषा ठाकुर मेरी बड़ी बहन जैसी : डॉ. महेश
मामले में केंद्रीय मंत्री डॉ. महेश शर्मा का कहना है कि उषा ठाकुर मेरी बड़ी बहन जैसी हैं। मैं उनका सम्मान करता हूं। मुझे उनसे कोई शिकायत नहीं है, न ही मैंने उनके खिलाफ कोई शिकायत पुलिस से की है। इस पूरे मामले की जांच पुलिस कर रही है और जांच के बाद उषा  की गिरफ्तारी हुई है। यह पुलिस की जांच का विषय है।

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