आलोक कुमार प्रतिनिधि चैनल चलाता था। इसका कार्यालय सेक्टर-63 में था। नोटबंदी के दौरान चैनल बंद हो गया था। इस चैनल के टीवी शो में आलोक अक्सर उषा ठाकुर को बुलाता था। वह समसामयिक विषयों की डिबेट में शामिल होती थीं। इसी दौरान वह उषा के नजदीक आ गया। आलोक ने घर आना-जाना भी शुरू कर दिया। आलोक, उषा ठाकुर को मां कहकर बुलाता था। इसके बाद इस तरह की योजना बनाई गई।
26 दिन की जांच के बाद हुई गिरफ्तारी
नोएडा पुलिस ने इस मामले में धीरे-धीरे सभी कड़ियों को जोड़ा। पहले नीशू और बाद में आलोक व निशा की गिरफ्तारी के बाद जब पूछताछ हुई तो आलोक ने पूरी बात पुलिस को बता दी। इसके बाद करीब 26 दिनों के बाद उषा को गिरफ्तार किया गया।
स्टिंग ऑपरेशन नहीं दिखाने व बचने के गुर सिखाने के नाम पर आलोक कई विधायकों से पैसे लेता था। उसकी मंथली बंधी थी। पुलिस अब उन विधायकों के बारे में जानकारी इकट्ठा कर रही है। इनमें यूपी, हरियाणा व दिल्ली से लेकर बिहार के विधायक व मंत्री शामिल हैं।
उषा ठाकुर मेरी बड़ी बहन जैसी : डॉ. महेश
मामले में केंद्रीय मंत्री डॉ. महेश शर्मा का कहना है कि उषा ठाकुर मेरी बड़ी बहन जैसी हैं। मैं उनका सम्मान करता हूं। मुझे उनसे कोई शिकायत नहीं है, न ही मैंने उनके खिलाफ कोई शिकायत पुलिस से की है। इस पूरे मामले की जांच पुलिस कर रही है और जांच के बाद उषा की गिरफ्तारी हुई है। यह पुलिस की जांच का विषय है।