गांव पलवली में रविवार रात चुनावी रंजिश ने पांच लोगों की जान ले ली। दो पक्षों के बीच कहासुनी के बाद विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपी पक्ष ने घर में घुसकर एक ही कुनबे के तीन लोगों पर गोलियों पर गोलियों की बौछार कर मौत के घाट उतार दिया। इस बीच मदद के लिए दौड़े दो युवकों को भी हमलावरों ने गोलियों से भून दिया।
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अस्पताल में घायल का उपचार
- फोटो : अमर उजाला
बीच-बचाव के दौरान दो महिलाओं सहित पांच लोग जख्मी हो गए। इस हत्याकांड में पुलिस ने 21 लोगों को हिरासत में लिया है। वारदात के बाद गांव में दहशत का माहौल है। तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। मामले की जांच के लिए डीसीपी भूपेंद्र सिंह के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया है।
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मृतक नवीन की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
दरअसल, डेढ़ साल पहले पलवली, बादशाहपुर और ईदगाह की संयुक्त पंचायत के चुनाव में वीरेंद्र उर्फ बिल्लू ने अपनी पत्नी दयावती को चुनाव मैदान में उतारा था। चुनाव में उनके सामने गांव के ही बिजेंद्र शर्मा थे। हालांकि, बिजेंद्र चुनाव हार गए लेकिन इसके बाद से गांव में दो गुट बंट गए। दोनों गुटों में आय दिन विवाद होता था। रविवार सुबह बिजेंद्र के नजदीकी कन्हैयालाल का बेटा हरीश अपनी कार लेकर गांव से गुजर रहा था।
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शोक मनाते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
सामने से वीरेंद्र उर्फ बिल्लू का बेटा श्रीकांत ब्रेजा कार में सवार होकर आ रहा था। पहले वाहन निकालने को लेकर दोनों के बीच झगड़ा हो गया। हालांकि, इस दौरान मामला शांत हो गया लेकिन शाम करीब साढ़े छह बजे हरीश को बाइक पर जाते देख श्रीकांत व उसके भाईयों ने रोक लिया और झगड़ा करने लगे। वह किसी तरह वहां से चला गया लेकिन रात करीब सवा नौ बजे वीरेंद्र उर्फ बिल्लू अपने साथ 35-40 लोगों को लेकर कन्हैया के घर जा धमका और दोनों पक्षों के बीच झगड़ा बढ़ गया।
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घटनास्थल
- फोटो : अमर उजाला
इस बीच बंदूक, रिवाल्वर, फर्सा और लाठी-डंडे लेकर पहुंचे बिल्लू और उसके साथियों ने हमला बोल दिया।इन दौरान आरोपी पक्ष ने फायरिंग शुरू कर दी। जिससे वर्षीय राजेंद (65), पड़ोसी श्रीचंद (70), ईश्वर (40), देवेंद्र उर्फ पिंटू (32), नवीन (30) की मौत हो गई जबकि राजेंद्र के दो बेटे नितेश और एडवोकेट ललित, मृतक श्रीचंद का सगा भाई कन्हैया, प्रमाली और रेखा घायल हो गए। वहीं, आरोपी पक्ष के पांच लोग भी घायल हो गए, जिन्हें क्यूआरजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एसीपी क्राइम राजेश चेची ने बताया कि इस हत्याकांड में नामजद वीरेंद्र उर्फ बिल्लू, ज्ञानचंद, नरेंद्र, श्रीकांत, रविकांत, मौजीराम, नंदकिशोर, धर्मेंद्र, सुभाष, रविंद्र, अमित, शिवकांत, सागर, सतीश, लोकेश उर्फ लौकी, हरीश, राजेंद्र, चमन, अनुज, विनय, कमलकिशोर उर्फ लीलू, ओमवती व सरपंच दयावती को हिरासत में ले लिया है।
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murder in faridabad
- फोटो : अमर उजाला
देर रात गांव में मातम
जघन्य हत्याकांड के बाद देर रात गांव में मात छा गया। बताया जा रहा है कि सूचना मिलने पर भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया, नहीं तो नहीं तो विवाद और ज्यादा बढ़ सकता था। हत्याकांड के विरोध में रात में ही ग्रामीणों का गुस्सा भड़क गया। हमलावरों के घर को घेरने की तैयारी ग्रामीणों ने कर ली थी लेकिन पुलिस बल की मौजूदगी में मामला शांत हुआ।
छावनी बना अस्पताल
वारदात के बाद पांचों मृतकों के शवों को बीके सिविल अस्पताल में पोसटमार्टम के लिए लाया गया, मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अस्पताल को छाबनी में तब्दील कर दिया। गांव के सैंकड़ों लोग शाम चार बजे तक अस्पताल में डटे रहे। इस दस्त्रौरान कई बार हंगामा भी हुआ। बल्लभगढ़ विधायक मूलचंद शर्मा, पृथला विधायक टेकचंद शर्मा और केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर के बेटे देवेंद्र चौधरी का ग्रामीणों ने जमकर विरोध किया। इन लोगों को वापस लौटना पड़ा।