नोटबंदी को पूरे एक साल होने वाले हैं। पीएम मोदी ने जिस तरह अचानक मंगलवार (8 नवंबर 2016) की शाम 500 और 1000 के नोट बंद करने की घोषणा की उसके बाद से ही इन नोटों को लेकर बवाल मच गया था। देश का हर वर्ग, हर तबका 500 और 1000 के पुराने नोट बंद होने से प्रभावित हुआ था। हद तो तब हो गई जब इन नोटों ने कब्रिस्तान में भी तहलका मचाया। आगे पढ़ें क्या हुआ था वहां...
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500 और 1000 के नोट की अफवाह
- फोटो : सौरभ, गाजियाबाद ब्यूरो
बात दरअसल ऐसी थी कि बुधवार (9 नवंबर) की सुबह ग़ाज़ियाबाद लिंक रोड के महाराजपुर कब्रिस्तान में कार्टन में भरकर नोटों की गड्डियां फेंके जाने की सूचना फैल गई।
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500 और 1000 के नोट की अफवाह
- फोटो : अमर उजाला
यह बात जंगल की हवा की तरह ऐसी फैली की आसपास के इलाकों में हड़कंप मच गया।
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500 और 1000 के नोट की अफवाह
- फोटो : अमर उजाला
जिस किसी को भी इस बारे में पता चला वही कब्रिस्तान की ओर भागा।
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- फोटो : सौरभ पांडेय
यही नहीं लोगों ने अपने जानने वालों को भी जानकारी दी जिससे वहां भारी भीड़ जमा हो गई।
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500 और 1000 के नोट की अफवाह
- फोटो : अमर उजाला
कुछ लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी तो पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और लोगों को बाहर निकाला।
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500 और 1000 के नोट की अफवाह
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद वहां पड़े डिब्बों की जांच की गई तो लोगों को निराशा हाथ लगी क्योंकि उनमें से धागे निकले। पुलिस छानबीन में कार्टन पर लिखे नंबर से पता चला कि धागे पंजाब से गाजियाबाद लाए जा रहे थे। कृष्णा विहार कुटी निवासी चालक विजय पाल ट्रक में माल लोड कर गाजियाबाद लाया था।
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500 और 1000 के नोट की अफवाह
- फोटो : सौरभ, गाजियाबाद ब्यूरो
बता दें कि 8 नवंबर 2016 तड़के वह तुलसी निकेतन पहुंचा और ट्रक सड़क किनारे खड़ा कर एक ऑफिस पर शौच के लिए चला गया।
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- फोटो : सौरभ पांडेय
कुछ देर बाद लौटा तो ट्रक गायब था। कब्रिस्तान में जो माल मिला, वह उनका ही निकला।