दिल्ली में यमुना लगातार तीसरे दिन तक खतरे के निशान से ऊपर बहती रही, लेकिन बुधवार शाम को नदी के जलस्तर में घटाव दर्ज किया गया। जलस्तर नीचे जाने के बाद शाम करीब साढ़े छह बजे पुराने पुल को भी लोगों की आवाजाही के लिए खोल दिया गया।
बता दें कि मंगलवार को दिनभर जलस्तर बढ़ने के बाद बुधवार सुबह से लगातार नदी का जलस्तर बढ़ रहा था। जहां मंगलवार रात 9 बजे तक यह लाल निशान पार कर 206.40 मीटर तक पहुंच गया था। वहीं बुधवार को यह अधिकतम 206.60 मीटर तक दर्ज किया गया।
मुख्यमंत्री केजरीवाल ने बुधवार दिन में बताया कि यमुना का जलस्तर 206.6 मीटर है और अब तक किसी भी जनहानि की खबर नहीं है। अस्थायी टेंटों का निर्माण लोगों के रहने के लिए किया गया है। एक बार पानी घट जाए तो लोग अपने घरों की ओर वापस जा सकते हैं।
खतरे का निशान 205.33 मीटर है। अगले 24 घंटे तक यमुना में उफान की आशंका बनी हुई है। यमुना खादर से अब तक 23 हजार लोगों को निकालकर अस्थायी टेंट में भेजा गया है। दिल्ली सरकार के राहत व बचाव दल स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।
मंगलवार दोपहर तक यमुना बाजार और मजनूं का टीला तक पानी पहुंच गया था। आईएसबीटी कश्मीरी गेट के पास के तिब्बती मार्केट को एहतियातन बंद करा दिया गया। रिंग रोड तक पानी पहुंचने से रोकने के लिए मिट्टी भरे कट्टे लगाए गए हैं। वहीं, पूर्वी दिल्ली में यमुना का पानी अभी बस्तियों तक नहीं पहुंचा है, लेकिन जलस्तर बढ़ने पर कॉलोनियों में पानी घुसना तय माना जा रहा है।
अधिकारियों के मुताबिक, बुधवार दोपहर एक से 5 बजे के बीच जलस्तर 207.08 मीटर तक पहुंचने की आशंका है। दिल्ली सरकार के राजस्व मंत्री कैलाश गहलोत ने बताया कि अभी हालात नियंत्रण में हैं। दिल्ली में किसी तरह का जान-माल का नुकसान नहीं हुआ है।