यूपीएससी के छात्र रामकेश मीणा हत्याकांड में फोरेंसिक की पढ़ाई का ज्ञान छात्रा ने सबूत मिटाने में लगाया, लेकिन मोबाइल ने मुखबिरी कर दी। हत्या को हादसा का रूप देने की कोशिश। शक होने पर मोबाइल लोकेशन से हकीकत खुल गई।
दिल्ली के तिमारपुर के गांधी विहार इलाके में यूपीएससी के छात्र रामकेश मीणा हत्याकांड में एक और नया खुलासा हुआ है। इस सनसनीखेज मामले में पुलिस जांच के बाद जो खुलासा हुआ है, वह किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। यह हत्या किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि मृतक की लिव-इन पार्टनर अमृता चौहान और उसके पूर्व प्रेमी सुमित कश्यप ने मिलकर की थी। इस घटना में अमृता ने अपनी फोरेंसिक विज्ञान की पढ़ाई के ज्ञान का इस्तेमाल कर सबूत मिटाने का प्रयास भी की, लेकिन पुलिस से वह बच नहीं सकी।
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आरोपी छात्रा अमृता चौहान
- फोटो : x
दरअसल, रामकेश मीणा की प्रेमिका अमृता का पूर्व प्रेमी सुमित मुरादाबाद में गैस वितरक है। उसे अच्छी तरह पता था कि सिलिंडर में आग लगाकर कैसे उसमें धमाका किया जाता है। आरोपी ने रसोई से सिलिंडर बाहर निकाला। बाद में उसका पाइप हटाकर सिलिंडर को रामकेश के सिर के पास रख दिया। बेहद धीमी गति से सिलिंडर में लगे रेग्यूलेटर को खोल दिया गया।
पूरी तैयारी के बाद अमृता और सुमित कश्यप फ्लैट के मेन गेट पर पहुंचे। यह लोहे का जाली वाला दरवाजा था। हादसा असली लगे इसलिए कुंडी के पास लगी लोहे की जाली को बाहर से हटाकर अंदर से कुंडी बंद कर दी गई। बाद में जाली को वापस अपनी जगह पर कर दिया गया।
कुछ देर बाहर खड़े रहने के बाद सुमित ने लाइटर से कमरे के भीतर आग लगा दी। बाद में दोनों ने अपने चेहरे ढके और रात करीब 2:57 बजे फ्लैट से निकल गए। इनके जाने के बाद रामकेश का फ्लैट धू-धू कर जलने लगा और कुछ ही देर बाद एलपीजी सिलिंडर में ब्लास्ट हो गया।
शव के हो गए टुकड़े-टुकड़े
इससे रामकेश के शव के टुकड़े-टुकड़े हो गए। पुलिस और दमकल की गाड़ियां वहां पहुंची। आग पर काबू पाया गया तो अंदर रामकेश के शव के अवशेष मिले। पुलिस को शुरुआती जांच में लगा कि शायद कमरे में खुद आग लगने से हादसा हुआ। क्राइम टीम और एफएसएल को मौके पर बुलाया गया और छानबीन हुई।
टीम को शक हुआ तो खंगाली सीसीटीवी
रसोई के बजाय कमरे में सिलिंडर के टुकड़े देखकर फोरेंसिक टीम को शक हुआ। रामकेश के परिजनों ने भी हादसे पर शक जाहिर किया था। पुलिस ने इस आधार पर सीसीटीवी की पड़ताल की तो पता चला कि रामकेश के फ्लैट में पांच अक्तूबर की रात 8:30 बजे दो युवक गए थे।
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जानकारी देते पुलिस अफसर
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
करीब 39 मिनट बाद एक युवक मुंह ढके हुए बाहर भागता हुआ देखा गया। फुटेज में दिखा की आग लगने के बाद कुछ देर बाद करीब 2:57 बजे दो लोग मुंह ढककर बाहर आते दिखे। इनमें एक अमृता लग रही थी। पुलिस ने अमृता के मोबाइल फोन की लोकेशन खंगाली तो पता चला कि घटना के समय वह फ्लैट की ही थी। इस आधार पर पुलिस को अमृता पर शक हुआ।
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आरोपी अमृता चौहान और मृतक रामकेश मीणा की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
रामकेश मीणा हत्याकांड की मुख्य आरोपी अमृता चौहान बीएससी फॉरेंसिक साइंस की छात्रा है। छात्रा मुरादाबाद की पीतल नगरी इलाके की रहने वाली है। वहीं, जांच में यह बात सामने आई है कि अमृता का परिवार से कोई संबंध नहीं था। परिजनों ने 8 जुलाई 2024 को अखबार में विज्ञापन देकर आरोपी छात्रा से नाता तोड़ लिया था।
सुमित और संदीप के साथ मिलकर लिव इन पार्टनर को मार डाला
मुख्य आरोपी अमृता चौहान ने पुलिस पूछताछ में यह बात कबूल की है कि रामकेश के पास उसके अंतरंग वीडियो और फोटो थीं, उसने रामकेश से इन्हें हटाने के लिए कहा तो उसने मना कर दिया था। इसके बाद अमृता ने मुरादाबाद की रहने वाले अपने दो साथी सुमित और संदीप के साथ मिलकर लिव इन पार्टनर को मार डाला। इसके बाद आरोपियों ने सिलिंडर ब्लास्ट करके वारदात को हादसा दिखाने का प्रयास किया।
यह था पूरा मामला
दिल्ली के तिमारपुर इलाके में पांच अक्तूबर 2025 को हुई यूपीएससी की तैयारी कर रहे छात्र रामकेश मीणा की निर्मम हत्या की गई थी। पांच अक्तूबर की रात करीब 8:30 बजे मुख्य आरोपी छात्रा अमृता के साथ आरोपी सुमित और उसका साथी संदीप, छात्र रामकेश के फ्लैट पर पहुंचे। वहां उन्होंने रामकेश के साथ मारपीट की और फिर गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद, संदीप करीब 39 मिनट बाद फ्लैट से निकल गया।
मोटी-मोटी किताबों से शव की चिता सजाई
हत्या को हादसा दिखाने की साजिश रची गई। दरअसल, रामकेश की हत्या के बाद करीब 6:30 घंटे तक प्रेमिका अमृता और उसका पूर्व प्रेमी सुमित शव ठिकाने लगाने में जुटे रहे। आरोपियों ने रामकेश के शव को बेड पर लिटा दिया। रसोई से घी-रिफाइंड लाकर शव पर डाला। इसके बाद फ्लैट में रखी मोटी-मोटी किताबों से शव की चिता सजाई गई। कमरे में रखी शराब की पूरी बोतल किताबों पर डाल दी गई। इसके बाद आरोपियों ने आग लगा दी थी।