दिल्ली के विनोदपुरी की जिस गली में तीनों भाई-बहनों ने बचपन में खेला, वहीं से सोमवार को उनकी अंतिम यात्रा निकाली गई। तीनों भाई-बहन का शव देखकर आसपास के रहने वाले लोगों की आंखें नम हो गईं। घटना की जानकारी मिलने के बाद सुबह से ही उनके रिश्तेदारों का घर आने का सिलसिला शुरू हो गया। मोहल्ले में रहने वालों ने बताया कि तीनों ने इसी गली में अपनी जीवन की शुरुआत की थी। इस पूरी घटना में उस मां की कहानी बेहद दर्दनाक है जिसने 25 साल पहले अपने पति को खो दिया था और अब उसके तीनों बच्चों की मौत ने उसकी गोद भी सूनी कर दी है। आगे पढ़ें उस बेसहारा मां की दर्दभरी दास्तां....