दिल्ली के साउथ कैंपस थाना क्षेत्र के सत्य निकेतन में भरभराकर ढहने वाली तीन मंजिला इमारत को दक्षिण दिल्ली नगर निगम (एसडीएमसी) ने गत मार्च में ही जर्जर घोषित कर दिया था, इसके बावजूद मरम्मत करवाई जा रही थी। इतना ही नहीं काम करने वाले मजूदर भी इसी इमारत में रहते थे, ताकि उनके जाने पर किसी को पता न चल जाए।
दिल्ली पुलिस अधिकारियों के अनुसार इमारत में काम करने वाले सभी मजूदर अररिया, बिहार के रहने वाले हैं और ठेकेदार रईस अलाम के रिश्तेदार व गांव वाले हैं। सभी को ठेकेदार करीब दो महीने पहले लेकर आया था। रात में यहीं सोते थे और दिन में पास में ही स्थित दूसरी साइट पर काम करते थे। इमारत बहुत ही जर्जर हालत में थी।