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किसकी है दरगाह शरीफ पत्ते वाली: 15 अगस्त को हुई थी सात लोगों की मौत, पुलिस को नहीं मिल रहा जमीन का मालिक

Mon, 18 Aug 2025 09:51 PM IST
विकास कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

निजामुद्दीन इलाके में हुमांयू टॉम के पास स्थिति पत्ते वाली दरगाह की 15 अगस्त को दीवार गिर गई थी। इसमें सात लोगों की मौत हो गई थी और चार लोग घायल हो गए थे। 
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पत्ते शाह की दरगाह - फोटो : PTI
दक्षिण-पूर्व जिले के निजामुद्दीन इलाके में जिस दरगाह शरीफ पत्ते वाली की दीवार गिरकर सात लोगों की हुई मौत मामले में पुलिस को जमीन के मालिक की तलाश है। घटना को चार दिन हो गए, मगर पुलिस को सोमवार शाम तक ये पता नहीं लगा है कि दरगाह की जमीन पर किसका कब्जा था। जमीन के मालिक का पता लगने के बाद ही पुलिस उस पर आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी। सभी एजेंसियों अपनी जमीन होने की बात से इंकार कर रही हैं। दूसरी तरफ अस्पताल में भर्ती पांच वर्षीय बच्चे आर्यन व घायल हुई मल्कागंज निवासी महिला राजनी को अस्पताल से सोमवार को छुट्टी दे दी गई है। चार घायल अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं।
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पत्ते शाह की दरगाह - फोटो : PTI
निजामुद्दीन इलाके में हुमांयू टॉम के पास स्थिति पत्ते वाली दरगाह की 15 अगस्त को दीवार गिर गई थी। इसमें सात लोगों की मौत हो गई थी और चार लोग घायल हो गए थे। निजामुद्दीन थाना पुलिस ने इस मामले में अज्ञात के खिलाफ मामला दर्जकर जांच शुरू कर दी थी। जिले के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सभी एजेंसियों एएसआई, बक्फ बोर्ड, दरगाह कमेटी, एमसीडी व डीडीए आदि एजेंसियों से जमीन के मालिकाना हक के बारे में मौखिक रूप से पूछा गया तो सभी एजेंसियों ने मना कर दिया है कि जमीन उनकी नहीं है। जिले के एक अन्य पुलिस अधिकारी ने बताया कि बक्फ बोर्ड ने भी अपनी जमीन होने से इनकार कर दिया है।
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पत्ते शाह की दरगाह - फोटो : PTI
ऐसे में पुलिस अब सभी एजेंसियों को एएसआई, डीडीए, एमसीडी व बक्फ बोर्ड को आधिकारिक पत्र लिख रही है कि जमीन पर मालिकाना हक किसका है। दिल्ली पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जमीन का मालिकाना हक पता लगने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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पत्ते शाह की दरगाह - फोटो : PTI
बारिश नहीं हो रही थी
निजामुद़्दीन थाना पुलिस की जांच में ये बात सामने आई है कि घटना वाले दिन निजामुद्दीन इलाके में बारिश नहीं हुई थी और न ही हो रही थी। जबकि शुरू से ही ये कह जा रहा है कि बारिश से दीवार गिरी थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि काफी पुरानी होने के कारण दीवारें जर्जर हो चुकी थीं। साथ ही दीवारों के पास गड्ढे बने हुए थे। इनमें बारिश का पानी भरने के बाद दीवारें बिल्कुल खोखली हो गईं।
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पत्ते शाह की दरगाह - फोटो : PTI
पीएम रिपोर्ट देने के लिए पत्र लिखा
जिले की निजामुद्दीन थाना पुलिस ने उन सभी अस्पतालों को पत्र लिखा है जहां मृतकों के शवों के पोस्टमार्टम हुए है। पुलिस पत्र लिखकर सभी अस्पताल से मृतकों के पोस्टमार्टम रिपोर्ट (पीएम) जल्दी देने के लिए कह रही है। पुलिस को अभी तक एक भी मृतक की पीएम रिपोर्ट नहीं मिली है।
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दरगाह शरीफ पत्तेवाली - फोटो : अमर उजाला
दरगाह का नाम ऐसे पड़ा
अपने प्रकृति प्रेम के लिए पूरी दुनिया में मशहूर सूफी संत पत्ते शाह का जन्म सन 1607 में हुआ था। वह पर्यावरण को उस दौर में इतना प्रेम करते थे कि उन्होंने कई रचनाओं में पेड़-पौधों और पत्तों का जिक्र किया है। इसी वजह से उनका उपनाम ही 'पत्ते' पड़ गया। उनका पूरा नाम मखदूम शाह पत्ते था। निजामुद्दीन इलाके में मखदूम शाह पत्ते यानी पत्ते शाह की ये प्रसिद्द दरगाह पर आज भी सभी धर्मों के श्रद्धालु आते हैं और उन्हें याद करते हैं। 1695 मे पत्ते शाह का निधन हो गया था।
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दरगाह शरीफ पत्तेवाली - फोटो : अमर उजाला
मालिकाना हक पता कर रहे हैं
दरगाह की जमीन किसके कब्जे में हैं इसका पता किया जा रहा है। इसके लिए एएसआई समेत अन्य एजेंसियों को पत्र लिखा जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस मामले में अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। -डॉ. हेमंत तिवारी, पुलिस उपायुक्त, दक्षिण-पूर्व जिला, दिल्ली पुलिस
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