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दरगाह में सात मौतों का जिम्मेदार कौन: जर्जर थी कमरों की इमारत, बुनियाद में पानी पहुंचा तो हो गए जमींदोज

Sat, 16 Aug 2025 10:16 PM IST
विकास कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

शुक्रवार को हादसे के बाद पुलिस की टीम दरगाह में लगे सीसीटीवी कैमरों की डीवीआर को अपने साथ ले गई थी। शनिवार को टीम उसकी मदद से हादसे की जांच करती रही।
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पत्ते शाह की दरगाह - फोटो : PTI
हजरत निजामुद्दीन इलाके में पत्ते शाह की दरगाह में हुए हादसे के लिए आखिर कौन जिम्मेदार है पुलिस इसका पता लगाने में जुटी है। शुरुआती जांच में पता चला है कि कमरों की इमारत बेहद जर्जर हालत में थी। शुक्रवार हुई बारिश के दौरान जैसे ही बुनियाद में पानी पहुंचा तो कमरे जमींदोज हो गए। छानबीन के दौरान पुलिस को पता चला है कि बारिश की वजह से कमरों के पीछे गड्ढा भी बन गया था।
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पत्ते शाह की दरगाह - फोटो : PTI
इसकी वजह से अचानक कमरों की छत और दीवार गिर गई। शुक्रवार और शनिवार दोनों ही दिन क्राइम टीम के अलावा एफएसएल की टीम मौके पर पहुंचीं। टीमें हादसे के कारणों तक पहुंचने का प्रयास कर रही थीं। दूसरी ओर पुलिस ने दरगाह से जुड़े कई लोगों के बयान दर्ज किए।
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पत्ते शाह की दरगाह - फोटो : PTI
शुक्रवार को हादसे के बाद पुलिस की टीम दरगाह में लगे सीसीटीवी कैमरों की डीवीआर को अपने साथ ले गई थी। शनिवार को टीम उसकी मदद से हादसे की जांच करती रही।
 

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पत्ते शाह की दरगाह - फोटो : PTI
स्थानीय लोग बोले- कमरों की मरम्मत नहीं करने दे रहा था एएसआई
स्थानीय लोगों का दावा था कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) हुमायूं के मकबरे की वजह से दरगाह में बने कमरों की मरम्मत नहीं करने दे रहा था। दरगाह में मौजूद एक शख्स ने बताया कि करीब 700 साल पुरानी दरगाह में 50 साल पहले पांच कमरों का निर्माण किया गया था। इसमें दो कमरे दरगाह के मौलवी और तीन कमरे बाहर से आने वाले जायरीन के लिए बनाए गए थे। 
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पत्ते शाह की दरगाह - फोटो : PTI
समय बीतता गया और कमरों की हालत जर्जर होती चली गई। 20-25 साल पहले दरगाह की देखरेख करने वाले लोगों ने इनकी मरम्मत करवाने का प्रयास किया था लेकिन हुमायूं के मकबरे को नुकसान होने की बात कर एएसआई ने ऐसा करने से रोक दिया। कई बार गुहार लगाने के बाद भी उनकी नहीं सुनी गई और आखिर शुक्रवार को हादसा हो गया।
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