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62 के डॉक्टर और 51 की प्रेमिका की मौत के मामले में बड़ा खुलासा, तीसरे शख्स ने दिया वारदात को अंजाम!

Thu, 05 Dec 2019 11:12 AM IST
पूजा त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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इसी कार में मिले थे डॉक्टर कुकरेजा और एमडी के शव - फोटो : अमर उजाला
नई दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-15 स्थित निर्वाण अस्पताल के मालिक डॉ. ओम प्रकाश कुकरेजा (62) और उनकी एडमिन इंचार्ज सुतापा मुखर्जी (51) का शव बुधवार सुबह कार से बरामद हुआ। सुतापा के सीने में दो और डॉ. कुकरेजा के सिर में एक गोली लगी थी। डॉ. कुकरेजा के अपार्टमेंट से कुछ ही दूरी पर खड़ी उनकी फोक्सवैगन वेंटो कार का लॉक अंदर से बंद था। पुलिस ने कार का शीशा तोड़कर शव निकाले। अब इस मामले में पुलिस अपनी जांच तीसरे शख्स को लेकर भी कर रही जिसने इन दोनों को मारने का काम किया हो, आगे जानिए कौन है ये शख्स....
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डॉ. कुकरेजा(फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
क्या वाकई डॉ. कुकरेजा ने सुतापा की हत्या कर खुद को गोली मारी या इस पूरे कांड के पीछे कोई अन्य शख्स है। रोहिणी जिला पुलिस इस गुत्थी को सुलझाने में लगी है। छानबीन से साफ है कि डॉ. कुकरेजा और सुतापा मुखर्जी के बीच खासी नजदीकियां थीं। दोनों दो दशक से ज्यादा समय से साथ काम कर रहे थे। पुलिस नजदीकियों के साथ ही संपत्ति को लेकर हुए किसी विवाद की वजह से वारदात के पहलू पर जांच कर रही है।
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- फोटो : अमर उजाला
कुछ लोगों ने दावा किया है कि सुतापा मुखर्जी डॉ. कुकरेजा पर शादी का दबाव बना रही थीं। शुरुआती जांच के बाद पुलिस को इस दावे में दम नजर नहीं आ रहा है। अधिकारियों का कहना है कि डॉ. कुकरेजा 62 साल और सुतापा 50 साल से अधिक आयु के थे। दोनों के अपने-अपने परिवार भी हैं।

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सुतापा मुखर्जी - फोटो : अमर उजाला
पुलिस प्रॉपर्टी या किसी अन्य कारण की वजह से हत्या और खुदकुशी के पहलू से जांच कर रही है। छानबीन से जुड़े एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि करीब 25 साल पहले डॉ. कुकरेजा समयपुर बादली में क्लीनिक चलाते थे। वहां सुतापा ने नर्स की नौकरी शुरू की। धीरे-धीरे डॉ. कुकरेजा ने क्लीनिक का विस्तार किया तो सुतापा की हैसियत भी बढ़ गई।
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- फोटो : अमर उजाला
2005 में डॉ. कुकरेजा ने रोहिणी सेक्टर-15, मानव चौक पर मल्टी स्पेशियलिटी निर्वाण अस्पताल की शुरुआत की। सुतापा अस्पताल में डॉ. कुकरेजा के बाद नंबर-2 की हैसियत पर काम करने लगीं। किसे नौकरी पर रखना है, किसे कितना वेतन देना है जैसे सारे काम सुतापा ही देखती थीं।
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- फोटो : अमर उजाला
पूरा एडमिन और फाइनेंस सुतापा के पास ही था। कहने के लिए डॉ. कुकरेजा अस्पताल के एमडी थे, लेकिन एमडी के सारे काम सुतापा ही करती थीं। सुतापा का ज्यादा समय अस्पताल में ही बीतता था। वे सुबह जल्दी आतीं और रात को देर से जातीं।
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- फोटो : अमर उजाला
पुलिस पता लगाने का प्रयास कर रही है कि सुतापा का अस्पताल में हिस्सा था या नहीं। ऐसा तो नहीं कि सुतापा डॉ. कुकरेजा से किसी प्रॉपर्टी में अपना हिस्सा मांग रही हो। इसकी वजह से परेशान होकर डॉ. कुकरेजा ने हत्या और आत्महत्या जैसा कदम उठा लिया हो। पुलिस डॉ. कुकरेजा और सुतापा के परिवारों से पूछताछ कर रही है।
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