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दिल्ली-एनसीआर की जहरीली हवा से बढ़ रहीं कोरोना और अन्य बीमारियां, ये हैं बचाव के उपाय

Mon, 09 Nov 2020 01:13 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
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दिल्ली में प्रदूषण - फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली-एनसीआर में सोमवार यानी पांचवें दिन भी वायु गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में बनी हुई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के प्रमुख शहरों में बुलंदशहर सबसे ज्यादा प्रदूषित है। आज सुबह यहां का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 497 दर्ज किया गया।

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वहीं दूसरे नंबर पर यूपी का शहर गाजियाबाद रहा जहां एक्यूआई 483 रहा। गौतमबुद्ध नगर में एक्यूआई 482, इंदिरापुरम में एक्यूआई 476, आगरा में एक्यूआई 451, हापुड़ में एक्यूआई 427, दिल्ली में एक्यूआई 464, फरीदाबाद में एक्यूआई 462, गुरुग्राम में एक्यूआई 475, बहादुरगढ़ में एक्यूआई 443, भिवानी में एक्यूआई 479, मुरथल में एक्यूआई 414, और रोहतक में एक्यूआई 449 रहा।

हालांकि पूरे एनसीआर में ग्रेप लागू है लेकिन यह हवा की गुणवत्ता को सुधारने में अब तक विफल रहा है। सर्दियां आने पर प्रदूषण हर साल बढ़ता है लेकिन इस साल यह कई गुना घातक है क्योंकि अगर प्रदूषण का यही हाल रहा या इससे अधिक बढ़ा तो कोरोना के मरीजों की संख्या और बढ़ सकती है। बीते कुछ दिनों से वैसे भी दिल्ली में संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है और विशेषज्ञ तो पहले ही कह चुके हैं कि सर्दियों में दिल्ली में रोजाना 15000 संक्रमित सामने आ सकते हैं।
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डॉक्टरों के मुताबिक, इन दिनों कोरोना से बढ़ती मौतों की संख्या के पीछे बड़ी वजह बढ़ता प्रदूषण है क्योंकि, प्रदूषण फेफड़ों को प्रभावित करता है। कोरोना भी फेफड़ों को ही नुकसान पहुंचाता है। इसलिए कई लोगों में संक्रमण के गंभीर लक्षण उभर रहे हैं। 

सिर्फ कोरोना ही नहीं प्रदूषण से श्वास संबंधी कई और गंभीर बीमारियां होती हैं, जिनका इलाज समय पर न होने से यह जानलेवा भी हो सकती हैं। इन बीमारियों से बचाव के लिए क्या-क्या करना चाहिए आगे पढ़ें...

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प्रदूषण से होने वाली परेशानी

  • जुकाम होना
  • सांस लेने में तकलीफ
  • आंखों में जलन 
  • खांसी, टीबी और गले में में इंफेक्शन
  • साइनस, अस्थमा
  • फेफड़ों से संबंधित बीमारियां

वायु प्रदूषण से बचाव
  • घर से बाहर निकलते वक्त हमेशा मुंह पर मास्क का उपयोग करें। 
  • आंखों पर चश्मा भी लगाएं। 
  • एक मास्क को एक बार ही प्रयोग करें। 
  • घर के बाहर सड़कों को गीला करके रखें ताकि धूल के दूषित कण हवा में न उड़े पाएं।
  • घर से बाहर तभी बाहर टहलने के लिए निकलें जब प्रदूषण का स्तर कम हो।

हार्ट व श्वास रोगियों के लिए खतरनाक
श्वास रोग विशेषज्ञ डॉ. केके पांडेय का कहना है कि प्रदूषण बढ़ने के समय हार्ट और श्वास रोग के मरीज ज्यादा सावधानी बरते। साथ ही लोग प्रदूषण बढ़ने के दौरान आउटडोर एक्टिविटी को बंद कर दें। पहले से ही कोराना संक्रमण फैला हुआ है। ऐसे में प्रदूषण बढ़ेगा तो कोरोना मरीजों के लिए यह बहुत ही हानिकारक है। कोरोना व प्रदूषण दोनों की फेफड़ों को इफेक्ट करते हैं। ऐसे में लोगों को ज्यादा सावधानी बरतनी जरूरत है।
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