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दिल्ली: जिस इलाके में हुई महिला से हैवानियत की सारी हदें पार, वो शराब तस्करी का है अड्डा, पुलिस भी जाने से है कतराती

Sat, 29 Jan 2022 10:22 AM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
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कस्तूरबा नगर है शराब तस्करी का पुराना अड्डा, पुलिस भी यहां आने से डरती है - फोटो : अमर उजाला
कई दशकों से दिल्ली के विवेक विहार का कस्तूरबा नगर इलाका शराब तस्करों का गढ़ रहा है। सूत्रों का कहना है कि करीब 60 से 65 परिवारों का धंधा अवैध शराब बेचना है। कमाल की बात यह है कि यहां पति-पत्नी को एक साथ मिलकर शराब का धंधा करते हैं। ज्यादातर परिवारों के बच्चे भी बड़े होकर शराब का ही धंधा करते हैं। इन लोगों का धंधा राजस्थान, हरियाणा और यूपी से शराब की तस्करी कर दिल्ली में बेचना है। चाहकर भी पुलिसकर्मी यहां कुछ नहीं कर पाते हैं।
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कस्तूरबा नगर में जांच करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
पुलिस सूत्रों का कहना है कि पुरुषों के अलावा यहां की महिलाएं ज्यादा दबंग हैं। पुलिस की रेड पड़ते ही वह अपने कपड़े फाड़ने लगती हैं। वहां पहुंचे पुलिस कर्मियों पर तरह-तरह के आरोप लगाने लगती हैं। ऐसे में पुलिसकर्मी यहां जाने से ही बचते हैं। सूत्रों का कहना है कि 24 घंटे यहां किसी भी समय शराब उपलब्ध रहती है। इन लोगों की दबंगई का यह नतीजा है कि आसपास के मोहल्ले के लोग तो यहां आने से भी कतराते हैं।
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vivek vihar, kasturba nagar - फोटो : अमर उजाला
कस्तूरबा नगर इलाका मई 2019 में जब सुर्खियों में आया जब इन लोगों ने पुलिस बूथ के नजदीक दिल्ली पुलिस के एसआई राजकुमार की पीट-पीटकर हत्या कर दी। मामले पर पर्दा डालने का प्रयास किया गया। लेकिन परिजनों ने शराब तस्करों पर ही राजकुमार की हत्या करने का आरोप लगाया था। राजकुमार अपनी पत्नी व दो बेटियों के साथ कस्तूरबा नगर इलाके में रहते थे।

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vivek vihar, kasturba nagar - फोटो : अमर उजाला
जब उन पर हमला हुआ था उस समय भी लोग तमाशबीन थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि अवैध शराब का धंधा करने वाले परिवार इतने दबंग है कि कोई भी इनके खिलाफ बोलने की हिम्मत भी नहीं जुटा पाता है। जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि मौजूदा समय में यहां दो दर्जन से अधिक घोषित बदमाश हैं, इनमें महिलाएं और पुरुष दोनों शामिल हैं, जिनके खिलाफ शराब तस्करी के धंधे के मामले दर्ज हैं।
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मामले की जांच करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
विवेक विहार थाने में इंस्पेक्टर रहे एक पुलिस अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि इन लोगों से निपटने का तरीका बस यही कि हर गली में पुलिस पिकेट बना दी जाए। ऐसे में इनके नेटवर्क में उसके बाद आसानी से सेंध लगाई जा सकेगी।
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