मालवीय नगर के होटल फ्लोरिश स्टे में बुधवार को आग लगी। इसमें 21 लोगों की मौत हुई, जिनमें 12 विदेशी नागरिक थे। यह होटल विदेशी मरीजों का ठिकाना बन गया था। विस्तार से पढ़ें पूरी खबर-
दक्षिणी दिल्ली के मालवीय नगर स्थित होटल फ्लोरिश स्टे में हुए भीषण अग्निकांड ने राजधानी में मेडिकल टूरिज्म और विदेशी मरीजों के ठहराव से जुड़े एक ऐसे नेटवर्क की परतें खोल दी हैं, जिस पर अब तक किसी की नजर नहीं गई थी। जांच में सामने आया है कि यह होटल एक सामान्य गेस्ट हाउस नहीं था, बल्कि इलाज के लिए दिल्ली आने वाले विदेशी मरीजों और उनके तीमारदारों का प्रमुख ठिकाना था। पुलिस के अनुसार, पिछले एक महीने के दौरान करीब 80 विदेशी नागरिक इस होटल में ठहरे थे और हादसे के समय भी यहां बड़ी संख्या में विदेशी मेहमान मौजूद थे।
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दिल्ली अग्निकांड
- फोटो : अमर उजाला
बुधवार सुबह हुए अग्निकांड में 21 लोगों की मौत हुई, जिनमें 12 विदेशी नागरिक शामिल हैं। मृतकों में नेपाल, बांग्लादेश, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, उज्बेकिस्तान, कांगो, नाइजीरिया, लाइबेरिया और मोजांबिक के नागरिक शामिल हैं। 21 अन्य विदेशी नागरिक विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं। घायलों में केन्या और कैमरून के नागरिक भी हैं। होटल में ठहरने वाले अधिकांश विदेशी नागरिक मेडिकल वीजा पर भारत आए थे। इनमें कई मरीज थे, बड़ी संख्या उनके तीमारदार भी थे।
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दिल्ली अग्निकांड
- फोटो : अमर उजाला
एफआरआरओ की मदद से हुई विदेशियों की पहचान
हादसे के बाद पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती मृतकों और घायलों की पहचान की थी। आग में होटल के रजिस्टर, दस्तावेज और कंप्यूटर पूरी तरह जल गए थे। ऐसे में दिल्ली पुलिस ने फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (एफआरआरओ) की मदद ली।
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दिल्ली अग्निकांड
- फोटो : अमर उजाला
आग के बीच इंसानियत की मिसाल, दो लाख के गद्दे सड़क पर बिछाए
मालवीय नगर स्थित फ्लरिश स्टे होटल में बुधवार को आग लगने के बाद जब चारों ओर धुआं और लपटें फैल गईं, तब सामने दुकान चलाने वाले एक गद्दा कारोबारी रियाजुद्दीन ने पल भर में फैसला लेते हुए करीब दो लाख रुपये के अपने गद्दे बिछा दिए, जिससे कई लोगों की जान बच सकी। उन्होंने कहा कि जान से बढ़कर कुछ नहीं होता। पैसा फिर आ जाएगा, लेकिन अगर किसी की जान चली जाती तो उसकी भरपाई नहीं हो सकती थी।
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दिल्ली अग्निकांड
- फोटो : अमर उजाला/पीटीआई
होटल में आग लगने की सूचना मिलते ही रियाजुद्दीन मंसूरी अपने कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचे और उन्होंने होटल के बाहर जमीन पर दर्जनों रजाइयां और गद्दे बिछाकर अस्थायी सुरक्षा कवच तैयार किया। इससे इमारत में फंसे लोगों को कूदकर सुरक्षित बाहर निकलने में मदद मिली।
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दिल्ली अग्निकांड
- फोटो : अमर उजाला
रियाजुद्दीन के अनुसार, सुबह अचानक शोर सुनाई देने पर बाहर निकलकर देखा तो होटल की ऊपरी मंजिलों से धुआं निकल रहा था। लोग खिड़कियों पर आकर मदद की गुहार लगा रहे थे। उन्होंने बताया कि उस समय उनके मन में सिर्फ एक ही बात थी किसी भी तरह लोगों को बचाया जाए।
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दिल्ली अग्निकांड
- फोटो : अमर उजाला
रियाजुद्दीन के अनुसार, मैंने जब लोगों को इमारत से कूदते देखा, तो मैंने अपनी दुकान से गद्दे सड़क पर बिछाकर करीब 20 लोगों की जान बचाई। उनके अनुसार, करीब आठ लोगों ने सीधे गद्दों पर छलांग लगाई और गंभीर चोट से बच गए।
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दिल्ली अग्निकांड
- फोटो : अमर उजाला
आग लगने के तुरंत बाद हमने सबसे पहले गद्दे और रजाइयां बिछाईं। बचाव कार्य के दौरान मुझे और मेरे बेटे अरमान को भी चोटें आईं। मैंने जब लोगों को इमारत से कूदते देखा, तो मैंने अपनी दुकान से गद्दे सड़क पर बिछाकर करीब 20 लोगों की जान बचाई। -रियाजुद्दीन मंसूरी
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दिल्ली के होटल में लगी आग
- फोटो : अमर उजाला
मौत भी अफ्रीकी दंपती को न कर सकी अलग, एक-दूजे की बाहों में तोड़ा दम
अफ्रीकी दंपती बच्चे के लिए भारत आए थे और वह यहां पर एक अस्पताल में आईवीएफ की प्रक्रिया से गुजर रहे। मगर इस दंपती को मौत भी एक-दूसरे से जुदा नहीं कर सकी। दोनों ने मालवीय नगर में आग की चपेट में आए। होटल में धुएं के कारण दम घुटने की वजह से एक-दूसरे की बाहों में दम तोड़ दिया।
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दिल्ली के होटल में लगी आग
- फोटो : जी पॉल
हौज रानी स्थित ‘फ्लोरिश स्टे बी एंड बी’ होटल में बुधवार को लगी भीषण आग में 12 विदेशी नागरिकों में एक दंपती अफ्रीका की है। इनके शव इमारत के भूतल पर स्थित एक बाथरूम के अंदर बरामद हुए। माना जा रहा है कि दंपती ने आग की लपटों से बचने के लिए बाथरूम का सहारा लिया होगा, लेकिन धुएं के कारण दम घुटने की वजह से उनकी मौत हो गई।
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दिल्ली के होटल में लगी आग
- फोटो : जी पॉल
दंपती से परिचित मैक्स स्मार्ट अस्पताल के कर्मचारियों ने बताया कि दोनों संतान सुख पाने के लिए ‘इन विट्रो फर्टिलाइजेशन’ (आईवीएफ) की प्रक्रिया से गुजर रहे थे और उन्होंने पास में स्थित ‘फ्लरिश स्टे बी एंड बी’ होटल में ठहरने का फैसला किया था।
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दिल्ली के होटल में लगी आग
- फोटो : पीटीआई
दंपती की मिसाल ताजमहल से बढ़कर है
घटनास्थल पर सबसे पहले पहुंचने वाले लोगों में शामिल अस्पताल के ड्यूटी प्रभारी वसीम रजा ने बातचीत में उस दृश्य को प्रेम की ऐसी मिसाल करार दिया, जो ताजमहल से भी बढ़कर है। रजा ने कहा कि हमने किसी तरह बाथरूम का दरवाजा खोला और अंदर जो देखा, उसे शब्दों में बयां करना नामुमकिन है।
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दिल्ली के होटल में लगी आग
- फोटो : पीटीआई
मैंने अपने करियर में कई शव देखे हैं, लेकिन वहां के मंजर ने मुझे झकझोर कर रख दिया। रजा के मुताबिक, हाल में एक चिकित्सीय प्रक्रिया से गुजरी महिला टॉयलेट सीट पर, जबकि उसका पति बगल में एक कुर्सी पर बैठा हुआ था।
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दिल्ली के होटल में लगी आग
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने बताया कि दोनों एक-दूसरे को पकड़े हुए थे। उन्होंने एक-दूसरे को बाहों में लपेट रखा था। महिला का सिर उसके पति के कंधे पर टिका हुआ था। रजा के अनुसार बचावकर्मियों ने तुरंत दंपती की नब्ज जांची और सीपीआर सहित अन्य जीवनरक्षक उपाय देने की कोशिश की। लेकिन दोनों ने कोई हरकत नहीं की।
घटनास्थल के दृश्य को देखकर लग रहा था कि जिंदगी के अंतिम पलों में भी दंपती ने एक-दूसरे की बाहों में सुकून तलाशने की कोशिश की। रजा ने कहा कि जब मौत करीब नजर आ रही थी, तो दोनों ने एक-दूसरे की बाहों में उसका सामना करने का फैसला किया। यह एक ऐसा दृश्य था, जो मेरे जहन में हमेशा रहेगा।