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दिल्ली होटल अग्निकांड: आग के बीच इंसानियत की मिसाल, दो लाख के गद्दे सड़क पर बिछाए और बचाई 20 जिंदगियां

Fri, 05 Jun 2026 09:14 AM IST
अनुज कुमार अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

दिल्ली के मालवीय नगर अग्निकांड में इंसानियत की मिसाल सामने आई। रियाजुद्दीन मंसूरी नाम के गद्दा कारोबारी ने फ्लोरिश स्टे होटल में लगी भीषण आग के दौरान अपनी दुकान के दो लाख रुपये के गद्दे और रजाइयां सड़क पर बिछाकर करीब 20 लोगों की जान बचाई।
लोगों को खिड़कियों से कूदते देख उन्होंने पल भर में फैसला लिया कि जान से बढ़कर कुछ नहीं।
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मालवीय नगर अग्निकांड - फोटो : अमर उजाला
मालवीय नगर स्थित फ्लरिश स्टे होटल में बुधवार को आग लगने के बाद जब चारों ओर धुआं और लपटें फैल गईं, तब सामने दुकान चलाने वाले एक गद्दा कारोबारी रियाजुद्दीन ने पल भर में फैसला लेते हुए करीब दो लाख रुपये के अपने गद्दे बिछा दिए, जिससे कई लोगों की जान बच सकी। उन्होंने कहा कि जान से बढ़कर कुछ नहीं होता। पैसा फिर आ जाएगा, लेकिन अगर किसी की जान चली जाती तो उसकी भरपाई नहीं हो सकती थी।

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दिल्ली के होटल में लगी आग - फोटो : जी पॉल
होटल में आग लगने की सूचना मिलते ही रियाजुद्दीन मंसूरी अपने कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचे और उन्होंने होटल के बाहर जमीन पर दर्जनों रजाइयां और गद्दे बिछाकर अस्थायी सुरक्षा कवच तैयार किया। इससे इमारत में फंसे लोगों को कूदकर सुरक्षित बाहर निकलने में मदद मिली।
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दिल्ली के होटल में लगी आग - फोटो : अमर उजाला
रियाजुद्दीन के अनुसार, सुबह अचानक शोर सुनाई देने पर बाहर निकलकर देखा तो होटल की ऊपरी मंजिलों से धुआं निकल रहा था। लोग खिड़कियों पर आकर मदद की गुहार लगा रहे थे। उन्होंने बताया कि उस समय उनके मन में सिर्फ एक ही बात थी किसी भी तरह लोगों को बचाया जाए।
 

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दिल्ली के होटल में लगी आग - फोटो : पीटीआई
रियाजुद्दीन के अनुसार, मैंने जब लोगों को इमारत से कूदते देखा, तो मैंने अपनी दुकान से गद्दे सड़क पर बिछाकर करीब 20 लोगों की जान बचाई। उनके अनुसार, करीब आठ लोगों ने सीधे गद्दों पर छलांग लगाई और गंभीर चोट से बच गए।
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दिल्ली के होटल में लगी आग, जान बचाने के लिए गुहार लगाते लोग - फोटो : अमर उजाला
आग लगने के तुरंत बाद हमने सबसे पहले गद्दे और रजाइयां बिछाईं। बचाव कार्य के दौरान मुझे और मेरे बेटे अरमान को भी चोटें आईं। मैंने जब लोगों को इमारत से कूदते देखा, तो मैंने अपनी दुकान से गद्दे सड़क पर बिछाकर करीब 20 लोगों की जान बचाई। -रियाजुद्दीन मंसूरी
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