दिल्ली के द्वारका में आग लगने के कारण नौंवी मंजिल से कूद कर जान गंवाने वाले यश यादव 29 वर्ष पहले परिवार के साथ राजधानी में आए थे। पोस्टमार्टम के बाद तीनों शव परिजनों को सौंपे गए। रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि तीनों के शरीर पर अनगिनत फैक्चर थे।
दिल्ली के द्वारका में आग लगने के कारण नौंवी मंजिल से कूद कर जान गंवाने वाले यश यादव उत्तर प्रदेश के एटा जिला स्थित अपने पैतृक गांव शाहबाजपुर से 29 वर्ष 1996 में परिवार के साथ दिल्ली आए थे। वे दिल्ली में फ्लैक्स, रूम डिजाइनिंग और एडवर्टाइजिंग का काम करते थे। उनके पास शब्द अपार्टमेंट की नौवीं और दसवीं मंजिल पर फ्लैट था।
दोनों फ्लैट एक सीढ़ी के जरिये आपस में जुड़े थे। पुलिस अधिकारी के अनुसार, मंगलवार को लगी आग के दौरान कारोबारी यश यादव की पत्नी मामता यादव, बड़ा बेटा आदित्य व भाई की पत्नी मुख्य गेट की तरफ थे। आग लगते ही यह लोग बाहर निकल गए। कारोबारी और उनकी बेटी आसिमा और भतीजा शिवम अंदर की तरफ थे। इस कारण वे बाहर नहीं निकल गए।
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शिवम, आसिमा और यश यादव की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
तीनों के शरीर पर आए अनगिनत फैक्चर
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, नौंवी मंजिल से कूदने से तीनों के शरीर में अनगिनत फ्रैक्चर आए हैं। उनकी एमएलसी (मेडिको लीगल केस) मौके पर हुई मौत की बनी है। नार्थ थाना पुलिस ने लापरवाही से हुई मौत का मामला दर्जकर जांच शुरू कर दी हैं।
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द्वारका सेक्टर की एक बहुअंजिला इमारत में आग लगने के बाद बिलखते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
पश्चिमी रेंज के संयुक्त पुलिस आयुक्त जतिन नरवाल ने बताया कि यश यादव, उनकी बेटी आसिमा, और भतीजे शिवम के शव का बुधवार को पोस्टमार्टम हो गया। शव दोपहर को परिजनों को सौंप दिए गए। द्वारका पुलिस एफएसएल की टीम के साथ आग वाले मकान में पहुंची। आग और दोनों बच्चों के साथ कारोबारी के कूदने के सीन का रिक्रिएशन किया गया।
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द्वारका सेक्टर की एक बहुअंजिला इमारत में लगी आग
- फोटो : अमर उजाला
बहन के घर था भंडारा
दिल्ली में रहने वाली यश की बहन के घर भंडारा था। इस वजह से रिश्तेदार यश के घर पर भी जुटे थे। यश के पैतृक गांव के प्रधान धर्मेंद्र ने बताया, आग लगने के बाद यश डेढ़ घंटे तक फायर सर्विस की मदद मांगते रहे।
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अपनी मां ममता के साथ, 10 साल की बेटी असीमा(मृतक) की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
धू-धूकर जली बहुमंजिला इमारत से जान बचाने के लिए कूदे पिता और दो बच्चों की मौत
दिल्ली के द्वारका इलाके में मंगलवार सुबह एक रिहायशी इमारत की आठवीं और नौवीं मंजिल पर लगी आग से व्यवसायी यश यादव (35) और बेटी आशिमा (10) और भतीजे शिवम (12) की मौत हो गई। धुएं और आग से घिरा होने की वजह से असहाय दोनों बच्चों ने खुद को बचाने के लिए आठवीं मंजिल की बालकनी से छलांग लगा दी। फिर यश भी कूद गए। घायल अवस्था में तीनों को अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
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द्वारका सेक्टर की एक बहुअंजिला इमारत में आग लगने के बाद बिलखते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
पत्नी ममता और बड़ा बेटा आदित्य छत की ओर भागे, जिसकी वजह से उनकी जान बच गई। दोनों को झुलसी हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। शुरुआती जांच में एसी मैकेनिक के आने के बाद बिजली के तारों में शॉर्ट सर्किट होना बताया जा रहा है। दिल्ली अग्निशमन सेवा के निदेशक अतुल गर्ग ने बताया कि आग एमआरवी स्कूल के पास स्थित हाउसिंग अपार्टमेंट की आठवीं और नौवीं मंजिल पर लगी।
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द्वारका अग्निकांड
- फोटो : अमर उजाला
विभाग को सुबह 10.01 बजे आग लगने की सूचना मिली। शुरू में दमकल की आठ गाड़ियां मौके पर भेजी गई थी लेकिन आग की भयावता पता चलने पर और गाड़ियां घटनास्थल पर भेजी गईं। आग इतनी विकराल थी कि इसे काफी दूर से देखा जा सकता था। मौके पर मौजूद एक अग्निशमन अधिकारी ने बताया कि ऊपरी मंजिलों से काला धुआं निकल रहा था और सातवीं मंजिल के फ्लैट से लपटें निकल रही थीं। शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल में रखवा दिया गया था।
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द्वारका अग्निकांड
- फोटो : अमर उजाला
लोग बन रहे थे वीडियो
सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में राहगीरों को मोबाइल फोन पर आग की तस्वीरें लेते हुए देखा जा सकता है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दोनों बच्चे और पिता यश आग से घिरी इमारत से एक के बाद एक करके कूदते हुए दिखाई दिए। आग की भयावता वीडियो में नजर आ रही है।
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यश और फ्लैट जिसमें लगी थी आग
- फोटो : अमर उजाला
लोगों को खिड़कियां तोड़ते देखा गया
छठी मंजिल पर मौजूद लोगों को खिड़कियां तोड़ते देखा गया, जो लोग निचली मंजिलों पर थे वह जल्दी बाहर निकलने में कामयाब रहे। एक स्थानीय व्यक्ति ने बताया कि कुछ लोग बालकनी पर चढ़कर मदद की गुहार लगा रहे थे।
मूलत: उत्तरप्रदेश के एटा जिले के रहने वाले यश यादव का फ्लेक्स बोर्ड का कारोबार था। परिवार इमारत की ऊपरी दो मंजिलों पर डुप्लेक्स में रहता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, सेक्टर 13 स्थित शब्द सोसाइटी की इमारत से आग की लपटें और घना धुआं निकलता हुआ दिखाई दिया जबकि नीचे लोग अपनी-अपनी बालकनी में मदद के लिए गुहार लगा रहे थे।- निशांत, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त द्वारका